लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी श्रावण मास, कांवड़ यात्रा और विभिन्न पर्वों की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इसी बैठक में डीरेगुलेशन-2.0 के तहत निवेश मित्र 3.0 में लागू किए गए रियल टाइम मॉनिटरिंग तंत्र की भी समीक्षा की गई। सीएम ने कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा, सुविधा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मेरठ जोन की सफल कार्ययोजना को पूरे प्रदेश में लागू करने के निर्देश दिए।
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मेरठ मॉडल पूरे प्रदेश में
सीएम ने कहा कि कांवड़ यात्रा अब पूरे प्रदेश का व्यापक आयोजन बन चुकी है। मेरठ जोन की कांवड़ प्रबंधन कार्ययोजना को राज्य के सभी पुलिस जोनों के साथ साझा कर समान रूप से लागू किया जाए। हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर कांवड़ की निर्धारित ऊंचाई का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिया गया कि कांवड़ संघों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखें और शिविर संचालकों का समयबद्ध सत्यापन पूरा करें। सीएम ने कहा कि सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने और अराजकता फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
मांस-मदिरा बंद, डीजे पर नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस और मदिरा की दुकानें पूरी तरह बंद रहें। खाद्य पदार्थों में मिलावट, गंदगी और ओवररेटिंग किसी भी दशा में स्वीकार नहीं होगी। प्रत्येक दुकान पर संचालक का नाम स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। डीजे की ध्वनि निर्धारित मानकों के अनुरूप रहे।
कांवड़ यात्रा मार्गों को गड्ढा मुक्त और सुगम बनाया जाए। पर्याप्त स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा शिविरों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज इंजेक्शन सहित सभी आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहें। प्रमुख घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे।
सुरक्षा और सोशल मीडिया निगरानी
सीएम ने संवेदनशील स्थलों पर पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और सीसीटीवी एवं ड्रोन से चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया पर फैलने वाली फर्जी और भ्रामक सूचनाओं का तत्काल खंडन कर अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश की कुछ नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है इसलिए घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए। संभावित बाढ़ और कटान वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन पहले से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखे।
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निवेश मित्र 3.0 — सिंगापुर मॉडल
डीरेगुलेशन-2.0 के तहत उत्तर प्रदेश ने निवेश मित्र 3.0 में रियल टाइम मॉनिटरिंग तंत्र लागू किया है। इसके तहत निवेश प्रस्ताव दर्ज करने से लेकर व्यावसायिक उत्पादन शुरू होने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन दर्ज होगी। स्मार्ट डैशबोर्ड पर यह दिखेगा कि किस विभाग में फाइल कितने समय तक लंबित रही, किस स्तर पर आपत्ति लगी और स्वीकृति में कहां देरी हुई।
यह व्यवस्था सिंगापुर के गोबिजनेस मॉडल से प्रेरित है जहां व्यवसाय पंजीकरण और लाइसेंस की सभी सेवाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से संचालित होती हैं। बार-बार उठने वाली आपत्तियों और अस्वीकृति के कारणों का विश्लेषण कर संबंधित प्रक्रियाओं को और सरल बनाया जाएगा।
निर्धारित समय से अधिक लंबित रहने वाले आवेदनों की तत्काल पहचान होने से अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। केंद्र सरकार ने डीरेगुलेशन-2.0 के तहत राज्यों को एंड-टू-एंड टर्नअराउंड टाइम (TAT) की निगरानी और अनावश्यक विलंब दूर करने की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की थी। उत्तर प्रदेश ने इस दिशा में पहल करते हुए यह सुविधा निवेश मित्र 3.0 में शुरू कर दी है। इससे निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर भी कम लगाने पड़ेंगे और उद्योग तेजी से उत्पादन शुरू कर सकेंगे।



