गाज़ीपुर, 9 सितंबर। सैदपुर कोतवाली क्षेत्र में नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में करीब पांच साल चली सुनवाई के बाद पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी रोहित यादव को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश रामअवतार प्रसाद ने मंगलवार देर शाम फैसला सुनाते हुए उसे 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पांच साल पुराना है मामला
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी अपने नाना के यहां रहकर पढ़ाई कर रही थी। 8 सितंबर 2021 को आरोपी रोहित यादव उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। किशोरी के नाना ने उसी दिन सैदपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए 14 सितंबर 2021 को रोहित यादव को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामला अदालत पहुंचा और सुनवाई शुरू हुई। करीब पांच साल चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों की गवाही कराई गई। गवाहों की गवाही और मामले में मौजूद सबूतों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने आरोपी के खिलाफ लगे आरोपों को साबित करने का पक्ष रखा।
सात गवाहों की गवाही अहम
अदालत ने मामले में रोहित यादव को आईपीसी की धारा 363 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत दोषी माना। आईपीसी की धारा 363 में उसे पांच साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 में 20 साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने का आदेश दिया गया।
अदालत ने दोनों धाराओं में सुनाई गई जेल की सजाएं एक साथ चलाने का आदेश दिया है। दोनों धाराओं में लगाया गया जुर्माना मिलाकर 50 हजार रुपये है।

