लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार देर शाम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को ओवरबिलिंग पर कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं डाला जा सकता और प्रत्येक उपभोक्ता से वास्तविक खपत के आधार पर ही बिजली बिल लिया जाए। बैठक के बाद पावर कॉरपोरेशन ने यह भी स्वीकार किया कि बिजली बिल पर उपभोक्ता का नाम और पता पुनः दर्ज किया जाएगा।
बिल पर नाम हटाने का विरोध
प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के बिल पर उनका नाम हटाकर सिर्फ “X” अंकित कर बिलिंग शुरू कर दी गई थी। इस फैसले का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कड़ा विरोध किया और विद्युत नियामक आयोग में विरोध प्रस्ताव दाखिल किया।
अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली बिल केवल भुगतान का दस्तावेज नहीं है बल्कि देशभर में बड़ी संख्या में उपभोक्ता इसे पते के प्रमाण पत्र के रूप में उपयोग करते हैं। सरकारी और निजी कार्यों में इसे सबूत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
पावर कॉरपोरेशन का आश्वासन
शुक्रवार को अवधेश कुमार वर्मा और पावर कॉरपोरेशन के निदेशक वाणिज्य प्रशांत वर्मा के बीच बातचीत हुई। निदेशक वाणिज्य ने परिषद को आश्वस्त किया कि पावर कॉरपोरेशन ने अपनी आईटी विंग को तत्काल यह व्यवस्था समाप्त करने के निर्देश दे दिए हैं। जल्द ही बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव कर उपभोक्ताओं का नाम और पता बिल पर पहले की तरह दर्ज किया जाएगा।
सीएम योगी ने बैठक में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ओवरबिलिंग की सभी शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं डाला जा सकता।
ओवरबिलिंग और भ्रष्टाचार पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने बैठक में ओवरबिलिंग की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी डिस्कॉम को निर्देश दिया कि बिजली बिल हमेशा वास्तविक खपत के आधार पर तैयार हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नियम का कोई अपवाद नहीं होगा और उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर तत्काल निलंबन के साथ खुली विजिलेंस जांच और कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। कोटेदारों के उत्पीड़न की शिकायतों पर भी मुख्यमंत्री ने गंभीर रुख अपनाते हुए सभी DM को निर्देश दिया कि जिला पूर्ति अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
राजस्व विवाद और जनसमस्याएं
मुख्यमंत्री ने राजस्व वादों के समयबद्ध निस्तारण पर विशेष बल देते हुए कहा कि चकबंदी से जुड़ी जनसमस्याओं का समाधान निष्पक्षता और मेरिट के आधार पर किया जाए। ऐसे विवाद किसी भी स्थिति में सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने का कारण नहीं बनने चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले 2-3 दिनों के भीतर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समसामयिक विषयों और शासन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी साझा करें और उनके सुझावों के अनुरूप व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाएं।



