लखनऊ, 10 सितंबर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के दस साल के कार्यकाल को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश का हर वर्ग सरकार से नाराज है। आंगनबाड़ी समेत अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों के मानदेय बढ़ाने की घोषणा अब की जा रही है, जबकि दस साल में यह काम क्यों नहीं किया गया, यह सभी समझ रहे हैं, चुनाव सामने देखकर भाजपा सरकार घबराई हुई है।
ईवीएम और आरक्षण पर निशाना
अखिलेश यादव ने दावा किया कि चुनाव की तारीखें घोषित होते ही भाजपा को अपनी हार स्वीकार करनी पड़ेगी। उनका कहना था कि यह पहला चुनाव होगा, जिसमें तारीख आते ही जनता अपना नतीजा बता देगी। ईवीएम पर पार्टी का रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि सपा प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें जीत जाए, तब भी वह ईवीएम के खिलाफ रहेगी।
सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार को अलोकतांत्रिक बताते हुए आरोप लगाया कि वह पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ है और अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों व मदरसों पर उसकी नज़र है। आजम खां के मामले में उन्होंने कहा कि सरकार अल्पसंख्यक समाज को संदेश देने के लिए जानबूझकर अन्याय कर रही है और सहारनपुर में 12 घंटे के भीतर मस्जिद गिरा दी गई।
महंगाई और जीडीपी पर सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई लगातार बढ़ रही है और जीडीपी शून्य हो गई है, ऐसे में लोगों को नौकरी और रोजगार कहां से मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकसित भारत के झूठे सपने दिखा रही है। एक तरफ जीडीपी और निवेश के दावे किए जाते हैं, जबकि दूसरी तरफ लोगों के पास दवा और इलाज के पैसे नहीं हैं।
झांसी की घटना का हवाला देते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि पैसे के अभाव में एक व्यक्ति अपनी पत्नी का इलाज नहीं करा सका। महिला की मौत के बाद अंतिम संस्कार का खर्च न होने पर उसे शव बेतवा नदी में बहाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि 7.2 और 7.4 प्रतिशत जीडीपी के सरकारी आंकड़े गरीबों के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के मित्रों के बड़े कारोबार के लिए आ रहे हैं।
एक्सप्रेसवे में भ्रष्टाचार का आरोप
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे की चोरी के बाद अब रामवन गमन मार्ग में भी लूट हुई है। उन्होंने कहा कि कानपुर लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे में हुए भ्रष्टाचार को सभी जानते हैं, जबकि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री अपने संसदीय क्षेत्रों का जलभराव तक ठीक नहीं करा पाए।
अखिलेश यादव ने सूचना विभाग में एक महिला के शोषण को लेकर डीआई पर लगे आरोपों के मामले में महिला आयोग से स्वतः संज्ञान लेकर जांच और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष और खासकर सपा की छवि खराब करने के लिए सरकारी बजट के हजारों करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। उनका कहना था कि इस नकारात्मक प्रचार पर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
आउटसोर्सिंग खत्म करने का ऐलान
अखिलेश यादव ने ऐलान किया कि सपा सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर पक्की नौकरी दी जाएगी और गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य के साथ 48 घंटे में भुगतान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश के घोषणापत्र के साथ जिलावार घोषणापत्र भी बनेगा, ताकि जिलों की बड़ी समस्याएं न छूटें, और अस्पतालों में गरीबों को मुफ्त दवा व जांच मिलेगी जिसके लिए कार्ड नहीं देखा जाएगा।
लखीमपुर से आए कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि वहां बाढ़ से बचाव का बजट जमीन पर नहीं लगा। उन्होंने कहा कि घाट पर पुल निर्माण की फाइल 2019 से दबी है, लेकिन सपा सरकार बनते ही पुल और घाट का काम शुरू होगा। दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत के जंगलों को ऑल वेदर एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा।

