बलिया, 7 अगस्त। बसपा के दिवंगत विधायक उमाशंकर सिंह की अंतिम यात्रा शुक्रवार को उनके पैतृक गांव खनवर से निकली, जिसमें हजारों समर्थक शामिल हुए। पूरा इलाका शोक में डूबा नजर आया और लोग नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई देते दिखे। गांव से लेकर गंगा घाट तक हर जगह भीड़ उमड़ी रही।
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गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
खनवर स्थित पैतृक आवास पर अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर रखा गया था, जहां हजारों समर्थकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को ब्यासी गंगा घाट ले जाया गया, जो खनवर से करीब 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। अंतिम संस्कार से पहले पुलिस जवानों ने विधायक को सलामी देकर राजकीय सम्मान दिया, इसके बाद रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जिसमें बेटे प्रिंस युकेश ने चिता को अग्नि दी।
खनवर में उमड़ा जनसैलाब
गुरुवार को पार्थिव शरीर लखनऊ से गांव की ओर रवाना हुआ था। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर धरवार कला गांव के पास कासिमाबाद रोड पर बड़ी संख्या में लोग हाथों में माला लेकर खड़े मिले। धरवार कला गांव से सिधारघाट तक कतारबद्ध लोग नारे लगाते रहे। शाम करीब सात बजे काफिला रसड़ा पहुंचा, जहां समर्थकों ने श्रद्धांजलि दी। इसके बाद नींबू सरदासपुर मुड़ेरा, चंद्रशेखर आजाद चौराहा तथा प्यारेलाल चौराहा सिंघी जैसे स्थानों पर भी लोगों ने अंतिम दर्शन किए। रसड़ा पहुंचने के बाद पार्थिव शरीर को कुछ देर वहां रोका गया, जहां स्थानीय समर्थकों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी।
नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
गुरुवार सुबह पार्थिव शरीर दिल्ली से लखनऊ लाया गया था, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बसपा सुप्रीमो मायावती समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। खनवर आवास पर उनके समधी राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह भी विशेष रूप से आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
वाहनों का काफिला, रातभर उमड़ी भीड़
पार्थिव शरीर के साथ करीब 400 वाहनों का काफिला लखनऊ से बलिया तक चला। रात में भी अंतिम दर्शन के लिए 30 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ी। समर्थकों में शामिल महिलाएं शव यात्रा के दौरान रोती नजर आईं। भीड़ के बीच लगातार “जब तक सूरज चांद रहेगा, भैया तेरा नाम रहेगा” और “उमाशंकर सिंह अमर रहें” के नारे गूंजते रहे। बुधवार रात जब पार्थिव शरीर लखनऊ से पैतृक गांव की ओर रवाना हुआ, तब कस्बों में भीड़ इतनी अधिक थी कि कई चौराहे कुछ देर के लिए जाम हो गए। उमाशंकर सिंह का बुधवार देर रात दिल्ली में निधन हो गया था। वे 55 वर्ष के थे और लंबे समय से ब्रेन कैंसर से जूझ रहे थे। इलाज के लिए उन्हें अमेरिका भी ले जाया गया था, लेकिन बीमारी चौथे चरण तक पहुंच चुकी थी।
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परिवार और व्यवसाय
उमाशंकर सिंह के परिवार में पत्नी पुष्पा सिंह, बेटी यामिनी और बेटे प्रिंस युकेश हैं। यामिनी की शादी 2019 में हुई थी, जबकि युकेश की शादी 2024 में हुई। युकेश की पत्नी कनिका सिंह राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह की बेटी हैं, और इस शादी में मायावती भी शामिल हुई थीं। उमाशंकर सिंह की पारिवारिक कंपनी सी.एस. इंफ्राकंस्ट्रक्शन लिमिटेड की कमान पत्नी पुष्पा सिंह मैनेजिंग डायरेक्टर के तौर पर संभालती हैं, वहीं बेटा प्रिंस युकेश कंपनी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं।

