गाज़ीपुर, 7 अगस्त। जमानिया विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अशरफी लाल को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई ऊर्जा मंत्री की एक समीक्षा बैठक में सामने आई खामियों के आधार पर की गई। निलंबन का आदेश जारी होने के बाद जिले भर के विद्युत विभाग के अधिकारियों में सक्रियता बढ़ गई है।
एक्सईएन अशरफी लाल निलंबित
ऊर्जा मंत्री ने जिले भर की बिजली व्यवस्था का जायजा लेने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक बुलाई थी। आरोप है कि इस महत्वपूर्ण बैठक में जमानिया एक्सईएन अशरफी लाल शामिल नहीं हुए। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब न देने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निस्तारण में उदासीनता बरतने के आरोप भी उन पर लगे। विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए शासन स्तर से तुरंत निलंबन की कार्रवाई कर दी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि यह कार्रवाई जवाबदेही तय करने की दिशा में एक सख्त संकेत है।
जमानिया में लंबे समय से शिकायतें
जमानिया क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें काफी समय से आ रही थीं। क्षेत्र में सौ से अधिक ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़े होने की बात सामने आई है, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने में हो रही देरी को लेकर भी विभागीय कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के चलते जमानिया एक्सईएन पर सीधी कार्रवाई की गई।
अधीक्षण अभियंता को भी चेतावनी
एक्सईएन पर कार्रवाई के साथ ही गाज़ीपुर के अधीक्षण अभियंता विवेक खन्ना को भी ऊर्जा मंत्री की ओर से कड़ी चेतावनी दी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि जिले भर में बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तुरंत समाधान कराया जाए। साथ ही जले हुए ट्रांसफार्मरों को बिना देरी बदलने और ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की समीक्षा कर उनकी क्षमता बढ़ाने का काम तेजी से पूरा करने को कहा गया है।
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि बिजली आपूर्ति से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जनप्रतिनिधियों और आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ सुना जाए और उनका जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। ऊर्जा मंत्री ने यह भी चेताया कि आगे भी बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर बदलने या उपभोक्ता शिकायतों के समाधान में कोई लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

