नई दिल्ली, 8 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की। इन दोनों मुलाकातों की तस्वीरें मुख्यमंत्री ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं। इससे पहले मुख्यमंत्री दिल्ली रवाना होने से पूर्व मेरठ में कांवड़ यात्रा से जुड़े एक कार्यक्रम में भी शामिल हुए थे।
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पीएम आवास पर हुई मुलाकात
दिल्ली पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच यह बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें उत्तर प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों, प्रशासनिक मुद्दों और केंद्र सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “नए भारत के स्वप्नद्रष्टा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में आत्मीय भेंट की।”
संगठन प्रमुख से भी भेंट
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी भेंट की, जिसे उन्होंने खुद शिष्टाचार भेंट बताया। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस दौरान पार्टी संगठन को मजबूत करने तथा राज्य में सरकार व संगठन के बीच बेहतर तालमेल को लेकर भी चर्चा हुई होगी। मानसून सत्र के दौरान विधानसभा की कार्यवाही को विपक्ष ने बाधित रखा था, और राम मंदिर दान चोरी का मुद्दा भी गरमाया हुआ है, जिसे इस मुलाकात के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
पहले मेरठ में था कार्यक्रम
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचे थे, जहां उन्होंने सावन के दौरान जलाभिषेक के लिए जा रहे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे शिवभक्त भक्ति, अनुशासन और समर्पण का संदेश दे रहे हैं। उन्होंने कांवड़ियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
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मुलाकातों के सियासी संकेत
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक जब उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के मुख्यमंत्री इस तरह शीर्ष नेतृत्व और प्रधानमंत्री से अचानक मिलते हैं, तो इसके पीछे गहरे राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश छिपे होते हैं। समाजवादी पार्टी लगातार पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक यानी पीडीए राजनीति के जरिए चुनौती पेश करती रही है, और हाल में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पीडीए के पी का मतलब पंडित बताकर इस वर्ग को भी साधने की कोशिश की है।
आगामी राजनीतिक गतिविधियों, संगठन से जुड़े फैसलों और यूपी के भावी एजेंडे के लिहाज से मुख्यमंत्री के इस दौरे को खास माना जा रहा है। प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष से हुई इन मुलाकातों के बाद बैठकों और कयासों का दौर लगातार जारी है।

