गाज़ीपुर, 8 अगस्त। भांवरकोल क्षेत्र के मलसा गांव में केंद्र और प्रदेश सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत बन रही पेयजल टंकी का निर्माण करीब दो साल से रुका पड़ा है। इस वजह से गांव में अब तक पाइपलाइन के जरिए पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है और ग्रामीण अब भी हैंडपंप के भरोसे हैं।
दो साल से अधूरा टंकी निर्माण
ग्रामीणों के मुताबिक करीब दो साल पहले गांव में पेयजल टंकी का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद अभी तक यह परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता संतोष वर्मा ने बताया कि निर्माण में हो रही इस देरी के पीछे संबंधित विभागीय अधिकारियों की लापरवाही जिम्मेदार है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत उन्हें घर-घर स्वच्छ पानी पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन अधूरे निर्माण के चलते यह सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
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पी रहे हैंडपंप का पानी
टंकी से जलापूर्ति शुरू न होने के कारण गांव के लोग मजबूरी में हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक दूषित पानी पीने से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि जल जीवन मिशन योजना का मकसद हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन मलसा गांव में यह लक्ष्य अभी तक अधूरा है। गांव के निवासियों का कहना है कि पानी की समस्या को लेकर उन्हें रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सीएम तक भेजा जा चुका ज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की जानकारी संबंधित जल निगम अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा जिला स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर अधूरी परियोजना पूरी कराने और पेयजल आपूर्ति शुरू कराने की मांग की जा चुकी है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराएं, ताकि गांव में नियमित रूप से पेयजल आपूर्ति शुरू हो सके।
फिलहाल मलसा गांव के लोग इस उम्मीद में हैं कि जल्द ही जल जीवन मिशन की यह अधूरी परियोजना पूरी होगी और उन्हें घर बैठे साफ पानी मिलना शुरू हो जाएगा।

