लखनऊ, 8 सितंबर। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने युवाओं और छात्रों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को छात्र सभा के पदाधिकारियों के साथ बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस में दो सप्ताह के छात्र जागरूकता अभियान की घोषणा की। इस दौरान छात्र सभा के कार्यकर्ता कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और हॉस्टल में जाकर युवाओं से संवाद करेंगे। अभियान का फोकस नई पीढ़ी के साथ जुड़ने के लिए उसकी सोच और संवाद के तौर-तरीकों को समझने पर जोर दिया।
कॉलेजों में पहुंचेगी छात्र सभा
अखिलेश यादव ने छात्र सभा की भूमिका को केवल संगठन विस्तार तक सीमित रखने के बजाय युवाओं के साथ लगातार संवाद से जोड़ने की बात कही। उनके मुताबिक, विश्वविद्यालयों में छात्र-नौजवानों के बीच काम करने के लिए वहां इस्तेमाल होने वाले तरीकों को अपनाया जाएगा। उन्होंने खास तौर पर नई पीढ़ी की नई सोच और विचारों के साथ जुड़ने की जरूरत बताई।
इस दौरान उन्होंने समाज में सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों की भी चर्चा की। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी छात्र सभा का संदेश मेल-मिलाप और साथ रहने का होना चाहिए। उन्होंने वासुदेव कुटुंबकम, मानवता और लोकतांत्रिक मूल्यों को इसी संदर्भ में रखा। उनके मुताबिक समाज में सौहार्द मजबूत होगा तो भविष्य भी बेहतर होगा।
नीली टी-शर्ट, नीली जींस पहनेंगे
छात्र सभा के कार्यक्रम में नीली टी-शर्ट को लेकर भी अखिलेश यादव ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक वजह है और इसके लिए छात्र सभा की पुरानी तस्वीर का भी जिक्र किया। संगठन के वर्तमान स्वरूप और पहले की गतिविधियों के बीच तुलना करते हुए उन्होंने नए पहनावे को सामने रखा।
उन्होंने कहा कि यूनिफॉर्म से संगठन के कार्यकर्ताओं में एकरूपता दिखाई देगी और वे एक अलग पहचान के साथ छात्रों के बीच जाएंगे। पार्टी की ओर से इस बदलाव को युवाओं के बीच संगठन की नई छवि बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
PDA की अपनी परिभाषा बताई
अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में PDA को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने इसे पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों से आगे प्रेम, दया और अपनापन से जोड़कर समझाया। उनका कहना था कि सामाजिक न्याय की राजनीति केवल नारे तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अलग-अलग वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है।
उन्होंने संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवता का जिक्र करते हुए कहा कि समाज में सभी वर्गों के बीच सौहार्द बनाए रखना जरूरी है। उनका कहना था कि लोगों को जोड़ने और साथ लेकर चलने की सोच ही समाज को मजबूत बनाती है।
अखिलेश का सरकार पर निशाना
अखिलेश यादव ने GDP, रोजगार, निवेश, महंगाई और बिजली जैसे मुद्दों पर भी सरकार पर निशाना साधा। GDP पर उन्होंने कहा कि इसके आंकड़े अनुमान पर आधारित होते हैं और इसकी वास्तविक स्थिति समझने के लिए रोजगार, मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर और निवेश जैसे पहलुओं को देखना चाहिए।

