झांसी, 6 अगस्त। पूर्व सांसद और माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की गुरुवार सुबह झांसी-कानपुर हाईवे पर सड़क हादसे में मौत हो गई। हादसे में उसके दोस्त की भी जान चली गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इस मौत के साथ अतीक अहमद के परिवार में बीते ढाई साल में एक और बड़ी घटना जुड़ गई है।
हादसा कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार गुरुवार सुबह करीब साढ़े दस बजे तेज रफ्तार कार प्रयागराज से झांसी की ओर आ रही थी। पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास अचानक एक जानवर सड़क पर आ गया, जिसे बचाने के प्रयास में चालक का कार से नियंत्रण छूट गया और वाहन डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में आगे की सीट पर बैठे अबान अहमद और उसके साथी सोनू की सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि उन्हें सुबह करीब साढ़े दस बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कार बेहद तेज रफ्तार में चलाई जा रही थी। घायल यात्रियों में से एक ने भी पुलिस को बताया कि वाहन की गति काफी अधिक थी और चालक नियंत्रण खो बैठा था।
मृतकों और घायलों की पहचान
हादसे में मारे गए सोनू का पूरा नाम मोहम्मद शाकिर पुत्र मोहम्मद रजा बताया गया है। हादसे में कार सवार मोहम्मद जैद, उमर अहमद तथा अस्लम घायल हो गए। सभी प्रयागराज के रहने वाले थे। घटनास्थल पर पुलिस को दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी में एक शादी का निमंत्रण कार्ड मिला, जिस पर मोहम्मद जैद का नाम लिखा था। इसी कार्ड पर मौजूद फोन नंबरों के जरिए पुलिस ने घायलों और मृतकों की पहचान सुनिश्चित की। घायल उमर, जो अबान का दोस्त भी बताया गया है, बार-बार सिर्फ इतना पूछ रहा था कि भाई कैसे हैं, इसके अलावा वह कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं था।
दुर्घटना के बाद फोरेंसिक टीम ने कार की तलाशी ली। वाहन के अंदर से चार मोबाइल फोन के अलावा कुछ अन्य सामान बरामद हुआ, जिसे जांच का हिस्सा बनाया गया है।
बचाव कार्य में जुटे स्थानीय लोग
घटनास्थल पर मौजूद खिल्ली गांव निवासी दीपक यादव, रमाकांत गौतम तथा ब्रजेश यादव प्रधान ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और घायलों व मृतकों को वाहन से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तुरंत सरकारी मेडिकल कॉलेज भेजा। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज लाए गए। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया गया।
अहजम ने प्रशासन से की अपील
अबान का भाई अहजम अहमद झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचा, जहां उसने प्रशासन के सामने गुहार लगाई कि उसके भाइयों को मिट्टी में आने दिया जाए। पांच भाइयों में अबान सबसे छोटा था और प्रयागराज के सेंट जोसेफ कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। पूरा परिवार झांसी जेल में बंद अली अहमद से मुलाकात के लिए प्रयागराज से निकला था।
अतीक और अशरफ की हत्या
15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस दोनों को मेडिकल जांच के लिए कॉल्विन अस्पताल ले जा रही थी, तभी मीडियाकर्मी बनकर पहुंचे हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि गोलीबारी में 10 सेकंड से भी कम समय में 15 से अधिक राउंड फायर हुए थे। पुलिस ने मौके से तीन में से दो हमलावरों को उसी वक्त दबोच लिया था, जिनके नाम लवलेश तिवारी, सन्नी और अरुण मौर्य बताए गए।
एनकाउंटर में मारा गया था असद
अतीक का तीसरे नंबर का बेटा असद अहमद 13 अप्रैल 2023 को झांसी के पारीछा डैम के पास हुई मुठभेड़ में मारा गया था। असद उमेश पाल हत्याकांड में वांछित था और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में उसका साथी मोहम्मद गुलाम भी मारा गया था, और दोनों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद हुए थे।
उमेश पाल हत्याकांड की पृष्ठभूमि
असद के एनकाउंटर की कहानी 24 फरवरी 2023 से शुरू होती है। इसी दिन वर्ष 2005 में हुई विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल को घात लगाए बदमाशों ने गोली मार दी थी। गोली लगने के बाद उमेश पाल उठकर घर के भीतर भागे, साथ में उनकी सुरक्षा में तैनात दोनों सिपाही भी उन्हें बचाने के लिए घर के अंदर भागे, लेकिन हमलावरों ने घर के अंदर घुसकर स्वचालित हथियारों से लगातार गोलियां चलाईं और बम भी फेंके।
घायल उमेश पाल और सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को एसआरएन अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब एक घंटे बाद डॉक्टरों ने उमेश पाल को मृत घोषित कर दिया। आजमगढ़ निवासी सुरक्षागार्ड संदीप निषाद की भी अस्पताल में मौत हो गई। इस हमले में असद भी मुख्य आरोपियों में शामिल था। उमेश पाल की हत्या के बाद असद फरार हो गया था और हत्याकांड के 48 दिन बाद ही यूपी पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया।
जेल में बंद है अली
अतीक का दूसरे नंबर का बेटा अली अहमद उमेश पाल हत्याकांड और रंगदारी के मामलों में आरोपी है। उसे एक अक्टूबर 2025 को प्रयागराज की नैनी जेल से सुरक्षा कारणों के चलते झांसी जेल स्थानांतरित किया गया था। नैनी जेल में उसकी बैरक से 1,100 रुपये बरामद होने के बाद उसे झांसी भेजा गया था। जेल शिफ्ट होने के बाद अली ने खुद को असुरक्षित महसूस करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री के सामने सुरक्षा की मांग रखी थी।
अबान पर भी था मुकदमा
इससे पहले अबान के खिलाफ भी 28 नवंबर 2025 को प्रयागराज के धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी, जो माफिया के बेटे पर पहली प्राथमिकी थी। उसका एक सोशल मीडिया वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 के तहत उस पर और उसके एक साथी पर मामला दर्ज किया था।
अतीक अहमद के पांच बेटे
अतीक अहमद के कुल पांच बेटे थे। सबसे बड़ा बेटा उमर अहमद फिलहाल जेल में बंद है। दूसरे नंबर के अली अहमद झांसी जेल में हैं। तीसरे नंबर के असद अहमद की 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। चौथे नंबर के अहजम अहमद अबान के जुड़वां भाई हैं, जिन्होंने हादसे के बाद झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचकर प्रशासन से अपील की थी। सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई। उमेश पाल हत्याकांड के समय अबान और अहजम नाबालिग थे, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोनों को उनकी बुआ की अभिरक्षा में दे दिया गया था। बाद में अक्टूबर 2023 में दोनों को बाल संरक्षण गृह से रिहा भी किया गया था।
तीन सदस्य अब भी फरार
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन उमेश पाल हत्याकांड में नामजद आरोपी हैं और लंबे समय से फरार बताई जा रही हैं, उनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित किया जा चुका है। इसके अलावा अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा उर्फ रूबी और अतीक की बहन आयशा नूरी भी लंबे समय से फरार और वांछित बताई जाती हैं।
कौन था अतीक अहमद
अतीक अहमद उत्तर प्रदेश के प्रयागराज का चर्चित माफिया, बाहुबली और पूर्व सांसद था। 10 अगस्त 1962 को जन्मे अतीक ने अपराध की दुनिया से राजनीति तक का सफर तय किया था। उसके खिलाफ हत्या, अपहरण, रंगदारी, जमीन कब्जाने समेत 100 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।
वह पांच बार विधायक और एक बार फूलपुर से लोकसभा सांसद भी रहा था। अतीक अहमद के परिवार से जुड़ी घटनाएं बीते ढाई साल में कई बार सुर्खियों में रही हैं, जिनमें असद का एनकाउंटर, अतीक-अशरफ की हत्या और अब अबान की सड़क हादसे में मौत शामिल है।

