आजमगढ़। निजामाबाद के दिवंगत विधायक आलमबदी के परिवार से मुलाकात के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को NEET पेपर लीक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और 2027 विधानसभा चुनाव पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं के इंकलाब का नतीजा है और भारतीय जनता पार्टी को आखिरकार झुकना पड़ा।
इस्तीफा इंकलाब की वजह से हुआ
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अखिलेश ने कहा कि यह इस्तीफा इंकलाब की वजह से हुआ है। विपक्ष की भी यही मांग थी कि छात्रों और युवाओं की मांगें मानी जाएं जिसमें सबसे पहली मांग थी कि मंत्री का इस्तीफा हो। उन्होंने छात्र-नौजवानों को बधाई देते हुए कहा कि युवाओं के आंदोलन के कारण भारतीय जनता पार्टी को जो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करती है, झुकना पड़ा। यह युवाओं की बड़ी जीत है।
उन्होंने आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को हर संभव सहायता देने की मांग की और लाठीचार्ज की निंदा करते हुए आंदोलनकारी छात्रों के साहस की सराहना की।
UP में 20 पेपर लीक, जानबूझकर हुई देरी
अखिलेश ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 20 पेपर लीक हुए और सरकार ने जानबूझकर पेपर लीक कराए ताकि नौकरी न देनी पड़े। उन्होंने कहा कि शिक्षा परीक्षा माफिया उन्हीं में शामिल हैं और मुख्यमंत्री खुद उनके साथ कॉफी-चाय पीते हैं।
सपा ने पहले ही आरक्षण की लूट का ऑडिट किया था। 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी कई दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून के साथ-साथ नियत साफ हो तभी परीक्षाएं बेहतर होंगी। दान पात्र में चोरी महा पाप है, लखनऊ वाली SIT ने छोटे खुलासे किए हैं जो बड़ी SIT बनेगी वह बड़े खुलासे करेगी।
उन्होंने सरकार पर अवैध निर्माण के मामलों में दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि रामपुर में सरकारी आदेश होने के बाद भी यूनिवर्सिटी तोड़ना चाहते हैं क्योंकि मुख्यमंत्री किसी के साथ अन्याय होने पर खुश होते हैं।
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शिक्षा में बड़े बदलाव की जरूरत
अखिलेश ने कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की जरूरत है। गोरखपुर में अकेले 500 प्राइमरी स्कूल बंद हो गए। प्राथमिक विद्यालयों के विलय, सरकारी स्कूलों की स्थिति और आधुनिक शिक्षा की कमी पर चिंता जताते हुए उन्होंने AI, इंटरनेट और नई तकनीक के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने की बात कही।
उन्होंने एथेनॉल पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सपा ने सबसे पहले सवाल उठाया था कि अगर एथेनॉल इंजन के लिए बेहतर है तो ऑटोमोबाइल कंपनियां खुद क्यों नहीं कह रहीं। सरकार दबाव बनाकर पेट्रोल पंप पर बिकवा रही है।
उन्होंने कहा कि खाद की तैयारी नहीं, शिक्षा की तैयारी नहीं, परीक्षा की तैयारी नहीं और बड़ी-बड़ी बातें हो रही हैं। किसानों के मुद्दे पर कहा कि खाद, पानी और सिंचाई की समस्या बनी हुई है।
2027 में जनता बदलाव करेगी
अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा युवाओं, छात्रों और किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने वन नेशन वन इलेक्शन पर तंज कसते हुए कहा कि जो प्रधानी का चुनाव नहीं जीत पा रहे उनके मुंह से वन नेशन इलेक्शन की बात कैसे सुनें।
उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनने पर शिक्षा और रोजगार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। समाजवादी लोग विकास और खुशहाली के रास्ते पर ले जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता बदलाव के लिए मतदान करेगी।


