गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर में ₹995 करोड़ से अधिक लागत की 14 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लिया। टीपीनगर से पैडलेगंज तक 2,658 मीटर लंबे 6-लेन फ्लाईओवर का लोकार्पण इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। ₹429 करोड़ की लागत से बने इस फ्लाईओवर से 50 लाख से 1 करोड़ की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला और गोरखपुर के विकास का विस्तार से उल्लेख किया।
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फ्लाईओवर और विकास परियोजनाएं
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि ₹813.52 करोड़ की 4 परियोजनाओं का लोकार्पण और ₹181.77 करोड़ की 10 परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। टीपीनगर-पैडलेगंज के 6-लेन फ्लाईओवर को देवरिया बाईपास से जोड़ने वाले 4-लेन विस्तार का भी लोकार्पण हुआ।
आवागमन जितना तेज और सुगम होगा, प्रगति भी उतनी ही तीव्र होगी और प्रगति होगी तो समृद्धि अपने आप आएगी। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में वंदे भारत और अमृत भारत एक्सप्रेस का संचालन हो रहा है और रेलवे स्टेशन बेहतर बन रहे हैं।
गोरखपुर में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर श्रमजीवी महिला हॉस्टल का निर्माण शुरू होगा जिसमें 500 कामकाजी महिलाओं के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी।
गोरखपुर का कायापलट
जनसभा में सीएम ने कहा कि 10 साल पहले गोरखपुर गुंडों, माफियाओं और मच्छर के लिए बदनाम था। माफिया के डर से कोई प्रॉपर्टी नहीं खरीदता था और गीडा में कोई निवेश करने को तैयार नहीं था। आज सुरक्षित वातावरण के कारण बड़े पैमाने पर निवेश आया है और अकेले गीडा में 50,000 नौजवानों को रोजगार मिला है।
1990 से बंद गोरखपुर उर्वरक कारखाना फिर से चालू हो गया है जिससे किसानों को समय पर उर्वरक मिल रहा है। रामगढ़ताल जो कभी सुनसान और गंदगी का केंद्र था, आज पर्यटन का बेहतरीन केंद्र बन चुका है। देर रात तक हजारों परिवार यहां भ्रमण करते हैं और हजारों लोगों की आजीविका चल रही है। रामगढ़ताल के किनारे फिल्मों की शूटिंग भी हो रही है।
उनकी सरकार ने 9 वर्षों में बिना भेदभाव 9 लाख नौजवानों को सरकारी नौकरी दी है। एक जिला एक उत्पाद योजना से पारंपरिक उद्योग पुनर्जीवित हुए और सवा तीन करोड़ युवाओं ने उद्यम शुरू किए। निजी निवेश के माध्यम से 65 लाख नौजवानों को रोजगार मिला है।
कांग्रेस-सपा पर हमला
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कभी आस्था पर प्रहार करते थे आज वही आस्थावान बनने का ठेका लेने का दावा कर रहे हैं। सपा ने अपने शासन में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन को बाधा पहुंचाई और रामभक्तों पर गोली चलवाई। कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता खड़ा किया।
2017 से पहले होली, दुर्गापूजा, विजयदशमी, रामनवमी और कृष्णजन्माष्टमी जैसे पर्वों पर दंगे होते थे और कांवड़ यात्रा नहीं निकलने दी जाती थी। 2017 से पहले इंसेफेलाइटिस पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए नियति बन चुकी थी और हजारों बच्चों की मौत हो गई लेकिन तत्कालीन सरकारें कान में रुई डालकर सोती रहीं।
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29 चीनी मिलें बंद
सीएम ने जनसभा में कहा कि 2007 से 2017 के बीच सपा, बसपा और कांग्रेस के शासन में 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं। इनमें से 21 चीनी मिलें बेहद कम दामों पर बेच दी गईं। पडरौना चीनी मिल को महज ₹2 करोड़ में बेचा गया जबकि उसके स्क्रेप की कीमत इससे कई गुना अधिक थी और जमीन की कीमत ₹200 करोड़ थी।
सपा शासन में जब भी नौकरी निकली उस पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा हो जाता था। नौजवानों के अधिकार कम कर ठगने का काम किया गया। बच्चों, किशोरों और नौजवानों के जीवन के साथ कांग्रेस और सपा ने जितना शोषण और अत्याचार किया उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
सांसद रविकिशन शुक्ल ने जनसभा में कहा कि जिस गोरखपुर को टूटी सड़क और फूटी किस्मत के लिए जाना जाता था, आज वहां सिक्सलेन फ्लाईओवर बन चुका है।

