गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार 12 जुलाई को गोरखपुर से “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का शुभारंभ किया। उन्होंने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) का पौधा लगाकर सेल्फी ली। इसके बाद GIDA सेक्टर 28 में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। गोरखनाथ मंदिर वापस लौटते समय रामगढ़ ताल रिंग रोड के किनारे उन्होंने मौलश्री का पौधा लगाया और रामगढ़ताल की खूबसूरती को निहारा।
सीएम ने “उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा” लघु फिल्म और “वानिकी कैलेंडर” का विमोचन किया। कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत किसानों को प्रमाण पत्र वितरित किए और मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों को सहजन के पौधे भेंट किए। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि आज का पौधरोपण पूर्ण होते ही यूपी में कुल 275 करोड़ पौधरोपण का आंकड़ा पूरा हो जाएगा।
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गोरखपुर से हुआ महायज्ञ का आगाज़
सीएम योगी ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर एक ही स्थान पर 15,000 से अधिक पौधों का रोपण कराया। उन्होंने भगवानपुर टोल प्लाजा के समीप स्वयं नीम, पीपल और बरगद की पवित्र त्रिवेणी लगाई।
GIDA सेक्टर 28 में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि वृक्षारोपण ईश्वरीय कार्य है। यह सृष्टि की सेवा, मानवता की उपासना और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। उन्होंने कहा कि हमारे ऋषियों ने कहा है — “माता भूमिः पुत्रोऽहं पृथिव्याः” अर्थात यह धरती हमारी माता है और हम सब उसके पुत्र हैं। धरती माता के प्रति यही कर्तव्य भाव रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “एक पेड़ माँ के नाम” का आह्वान किया है।
सीएम ने कहा कि पौधरोपण महाभियान धरती माता के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का महायज्ञ है। हर व्यक्ति को पौधा लगाने के साथ उसकी सुरक्षा का भी संकल्प लेना होगा। अपने पूर्वजों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए और परिवार के सदस्यों के नाम से इस अभियान से जुड़ने की अपील की।
कार्यक्रम को सांसद रविकिशन शुक्ल, वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, मत्स्य मंत्री संजय निषाद, राज्यसभा सदस्य संगीता यादव, MLC एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह और विधायक सहजनवा प्रदीप शुक्ल सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया।
9 साल में 242 करोड़ पौधे
सीएम योगी ने बताया कि विगत 9 वर्षों में प्रदेश में 242 करोड़ पौधरोपण किया जा चुका है। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर इस वर्ष 5 करोड़ पौधे लगाए गए। आज 12 जुलाई को 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य है जिसे 26 राजकीय विभागों के समन्वित प्रयासों से पूरा किया जाएगा।
वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि आज का अभियान पूर्ण होते ही यूपी में कुल 275 करोड़ पौधरोपण का आंकड़ा छू जाएगा। उन्होंने बताया कि फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया देहरादून की रिपोर्ट के अनुसार ग्रीनरी वृद्धि के मामले में उत्तर प्रदेश अब देश में दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। इस महाभियान में 30 प्रतिशत फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं। वन मंत्री ने यह भी बताया कि गोरखपुर में वानिकी विश्वविद्यालय के निर्माण की शुरुआत जल्द होगी।
सीएम ने कहा कि 57 लाख से अधिक नर्सरियों वाले उत्तर प्रदेश के लिए 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य कठिन नहीं है। 9 वर्षों में प्रदेश का वनाच्छादन बढ़ने से 6 करोड़ 37 लाख 74 हजार 130 टन कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण और 4 करोड़ 63 लाख 90 हजार 130 टन ऑक्सीजन का उत्सर्जन हुआ है। 1 करोड़ 73 लाख 90 हजार टन कार्बन का संचयन भी हुआ है।
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प्रकृति से खिलवाड़ की कीमत
सीएम ने पर्यावरण असंतुलन पर चिंता जताते हुए कहा कि कभी गर्मी चरम पर है तो कभी सर्दी में कई शहरों में गैस चैंबर जैसी स्थिति बन जाती है जहां बुजुर्गों और बच्चों को घर से न निकलने का अलर्ट जारी करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हुई, जल का दोहन किया गया लेकिन संरक्षण की ओर ध्यान नहीं दिया गया। तालाबों पर कब्जे हो गए। प्रकृति के साथ हुए इस खिलवाड़ का खामियाजा आज पूरी दुनिया भुगत रही है।
मौसम चक्र में बदलाव का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इस वर्ष मानसून करीब महीनेभर देर से आया। जो फसल 15 जून तक बोई जानी चाहिए थी उसे 15 जुलाई को बोने पर 25 से 30 प्रतिशत तक उत्पादन घट सकता है। उन्होंने कहा कि एक वृक्ष अपने भीतर हजारों लीटर जल का अवशोषण करता है और नदियां वहीं सदानीरा होती हैं जहां वन हों।
“हरित गाथा” फिल्म और वानिकी कैलेंडर जारी
पौधरोपण महायज्ञ के अवसर पर सीएम ने “उत्तर प्रदेश के नौ वर्ष की हरित गाथा” लघु फिल्म और “वानिकी कैलेंडर” का विमोचन किया। लघु फिल्म में यूपी में पिछले 9 वर्षों के पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों और उपलब्धियों को दर्शाया गया है। वानिकी कैलेंडर में वर्ष 2026-27 के लिए वन विभाग की कार्ययोजना का उल्लेख है।
सीएम ने कार्बन क्रेडिट फाइनेंस योजना के तहत खेत के किनारे अधिक पौधरोपण करने वाले किसानों को प्रमाण पत्र सौंपे:
- नरपति (कैम्पियरगंज, गोरखपुर) — 700 से अधिक पौधे
- अशफाक खान (देसही, देवरिया) — 650 से अधिक पौधे
- रंजना देवी (हाटा, कुशीनगर) — 800 पौधे
- अरविंद कुमार (पडरौना, कुशीनगर) — 850 पौधे
उन्होंने कहा कि कार्बन क्रेडिट फाइनेंस स्कीम के तहत खेत में पेड़ लगाने वाले किसानों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है।
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LED से 100 करोड़ की बचत और सोलर सिटी
सीएम ने मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना की लाभार्थी गीता देवी, मधुरा, इशरावती, शीला और कालिंदी को घर के सामने लगाने के लिए सहजन के पौधे भेंट किए। उन्होंने कहा कि फलदार पौधों की कमी से बच्चों में कुपोषण बढ़ रहा है इसलिए आम, कटहल, सहजन और आंवला जैसे पौष्टिक पौधे अधिक लगाए जाएं।
सीएम ने पर्यावरण संरक्षण के अन्य कदमों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 में हैलोजन लाइटों की जगह 16 लाख LED स्ट्रीट लाइट लगाई गईं जिससे सरकार को 100 करोड़ रुपये की बचत हुई। अयोध्या प्रदेश की पहली सोलर सिटी बन चुकी है जहां सभी स्ट्रीट लाइट और सरकारी भवनों की बिजली सौर ऊर्जा से आती है। पीएम सूर्य घर योजना लोगों का बिजली बिल आधा कर रही है। पीएम मोदी के विजन से देश में 10 करोड़ परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन मिले हैं जिनमें यूपी में 2 करोड़ परिवार शामिल हैं।

