गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर में गोड़धोइया नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। इसके बाद एनेक्सी भवन सभागार में अधिकारियों की बैठक में जलभराव पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि महानगर में किसी भी हाल में यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बाढ़ बचाव, जलनिकासी और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
गोड़धोइया नाले का निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी ने बुधवार को गोड़धोइया नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। यह नाला गोरखपुर के उत्तरी क्षेत्र में वर्षा के दौरान होने वाले जलभराव के प्रभावी निकास का माध्यम बनेगा। यह वर्षाजनित जल को रामगढ़ताल तक पहुंचाएगा और वहां से तरकुलानी होते हुए राप्ती नदी तक प्रवाहित करेगा।
निरीक्षण के बाद सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाले के निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव समय से लेकर समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जाए। नाले-नालियों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए और सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाई जाए ताकि नाले चोक न हों।
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जलभराव पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने राप्ती कॉम्प्लेक्स, गोरक्ष एंक्लेव, विजय चौराहा और धर्मशाला पर हुए जलभराव की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नालों की नियमित सफाई हो, सफाई के बाद उन्हें ढका जाए और कहीं भी नालियां खुली न रहें।
नगर निगम के सभी पंप पूर्ण क्षमता से संचालित किए जाएं। सीएम ने कहा कि लोगों को प्रेरित किया जाए कि वे कूड़ा नालियों में न डालें। स्वच्छता अभियान चलाया जाए और नियमित छिड़काव एवं फागिंग कराई जाए। हर वार्ड, मलिन बस्तियों और खाली प्लाटों की सफाई के लिए टीम बनाई जाए।
सीएम ने स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने, स्ट्रीट लाइट ठीक रखने और सीसीटीवी को अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए। स्वच्छता अभियान में जनप्रतिनिधियों को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाए और सरकारी दफ्तरों में भी साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए।
बाढ़ बचाव की तैयारी
बाढ़ बचाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तटबंधों की नियमित पैट्रोलिंग हो, बाढ़ चौकियां सक्रिय रहें और राहत केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें। बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में बीमारियों से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए और कोई भी सड़क क्षतिग्रस्त न रहने पाए।
मौसम के प्रभाव के अनुसार प्रशासन को खुद को पहले से तैयार रखना होगा। सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें और कहीं भी नकारात्मक वातावरण न बनने दें।
स्वास्थ्य सेवाओं पर आदेश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिला अस्पताल सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध रहे। बेसहारा गोवंश को सड़कों से हटाने और आवारा कुत्तों के लिए डॉग शेल्टर बनाने के आदेश भी दिए गए। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छता अभियान चलाने और इसे रूटीन कार्यों का हिस्सा बनाने के लिए भी कहा।


