गाजीपुर। सैदपुर के ब्लाक प्रमुख हीरा सिंह यादव पर हुए जानलेवा हमले के मामले में शुक्रवार को पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी। थाना सैदपुर पुलिस ने इस वारदात से जुड़े पच्चीस-पच्चीस हजार रुपये के तीन इनामी आरोपियों को मुकदमा संख्या 209/2026 के तहत गिरफ्तार कर लिया है। कई दिनों से फरार चल रहे इन आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी।
हाईवे के पास से दबोचे गए तीनों आरोपी
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी देवराज सिंह ठाकुर, सोनू सिंह उर्फ संजीव और गोविंदा यादव को गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन पर पियरी बाजार के नजदीक से धरदबोचा गया। सैदपुर थाना प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को घेरकर पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को पहले सैदपुर कोतवाली लाया गया, जहां से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
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मुख्य आरोपी पर दर्ज हैं ग्यारह मुकदमे
थाना प्रभारी के अनुसार ब्लाक प्रमुख पर हमले में कुल सात लोग नामजद हैं, जिनमें से तीन को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सबसे चर्चित नाम देवराज सिंह ठाकुर का है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल ग्यारह आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
अनिल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि बाकी बचे वांछित आरोपियों की धरपकड़ के लिए भी टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी सुनिश्चित कर ली जाएगी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कुछ और चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।
गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज
इस पूरे प्रकरण में थाना सैदपुर पर मुकदमा संख्या 209/2026 पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई संगीन धाराएं लगाई हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुकदमे में धारा 109(1), 191(2), 115(2), 352, 351(3) और 308(5) बीएनएस शामिल हैं।
हमले में हीरा सिंह यादव को गहरी चोटें आई थीं। उनके चेहरे पर कई जगह घाव के निशान हैं और सूजन के कारण हालत गंभीर बनी रही। समर्थकों के मुताबिक आंखों पर लगी चोट के चलते उन्हें देखने में दिक्कत हो रही है और फिलहाल उनका इलाज जारी है। इसी गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराएं भी जोड़ी हैं।
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राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना मामला
ब्लाक प्रमुख जैसे जनप्रतिनिधि पर हमला होने के कारण यह घटना शुरू से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील बन गई थी। हीरा सिंह यादव की घायल अवस्था की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैलीं, जिससे आम लोगों में आक्रोश गहराता गया। उनके समर्थक लगातार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे।
समय बीतने के साथ क्षेत्र के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की निगाहें भी पुलिस की कार्यशैली पर टिक गई थीं। गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर पुलिस पर सवाल खड़े होने लगे थे और महकमे की छवि पर असर पड़ रहा था। ऐसे में इस कार्रवाई को पुलिस के लिए राहत भरी सफलता माना जा रहा है।
फिलहाल गिरफ्तार तीनों आरोपियों से गहन पूछताछ चल रही है। जांच में हमले की साजिश, उसके पीछे की वजह और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका को खंगाला जा रहा है। सैदपुर क्षेत्र में अब लोगों की निगाहें पुलिस के अगले कदम और शेष आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी हुई हैं।

