गाजीपुर। आगामी मोहर्रम पर्व को शांति और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने की कवायद में जिला प्रशासन की तैयारी तेज हो गई है। शुक्रवार को गाजीपुर के ऑडिटोरियम हॉल में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की संयुक्त अध्यक्षता में शांति समिति की अहम बैठक हुई। इसमें दोनों अधिकारियों ने दो टूक कहा कि परंपरा से किसी भी तरह की छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जाएगी और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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आयोजकों से सीधा संवाद
बैठक में जनपद के अलग-अलग इलाकों से आए ताजिया आयोजक, पार्षद, ग्राम प्रधान और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। डीएम और एसपी ने मंच से एकतरफा निर्देश देने के बजाय उपस्थित लोगों से आमने-सामने बातचीत की।
अधिकारियों ने आयोजकों की दिक्कतें सुनीं और पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था कायम रखने को लेकर जरूरी हिदायतें दीं। उनका जोर इस बात पर रहा कि प्रशासन और आयोजक मिल-जुलकर काम करें, ताकि किसी भी स्तर पर टकराव की नौबत न आए।
परंपरागत मार्गों से निकलेंगे ताजिया
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने साफ कर दिया कि ताजिया का जुलूस केवल पुराने और पहले से तय रास्तों से ही निकाला जाएगा। उन्होंने किसी भी नए रूट या नई परंपरा को शुरू करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया।
जिलाधिकारी ने आयोजकों से प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद या आपात स्थिति में बिना देरी नजदीकी थाने, क्षेत्राधिकारी या कंट्रोल रूम को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते मामला सुलझाया जा सके। मोहर्रम को आस्था और अनुशासन का पर्व बताते हुए डीएम ने सभी से तय व्यवस्था के तहत कार्यक्रम संपन्न कराने को कहा।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने ग्राम प्रधानों, पार्षदों और ताजिया कमेटियों से अपने-अपने क्षेत्र में शांति और भाईचारा बनाए रखने में पुलिस का साथ देने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनपद की गंगा-जमुनी तहजीब को किसी भी सूरत में आंच नहीं आने दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर रहेगी कड़ी निगरानी
बैठक में सबसे सख्त रुख सोशल मीडिया को लेकर दिखा। प्रशासन ने अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं के फैलाव पर खास चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने साफ किया कि सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली कोई भी पोस्ट, वीडियो या संदेश साझा करने वालों पर पैनी नजर रखी जाएगी।
एसपी डॉ. ईरज राजा ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे अफवाहों के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि माहौल बिगाड़ने की मंशा रखने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ तत्काल और कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि त्योहारों के मौके पर अफवाहें ही सबसे बड़ी चुनौती बनती हैं, इसलिए इस बार शुरुआत से ही डिजिटल मंचों पर निगरानी का खाका तैयार किया गया है। बैठक में मौजूद लोगों को भी ऐसी सामग्री से दूर रहने और दूसरों को रोकने की सलाह दी गई।
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भाईचारे के साथ मनाने का भरोसा
बैठक के समापन पर उपस्थित ताजिया आयोजकों, ग्राम प्रधानों, पार्षदों और संभ्रांत नागरिकों ने प्रशासन को आश्वस्त किया कि जनपद में मोहर्रम का पर्व हर बार की तरह पूरी अकीदत, शांति और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और उप जिलाधिकारी सदर समेत कई प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस सक्रियता को पर्व से पहले की पुख्ता तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि मोहर्रम पर किसी तरह की अप्रिय स्थिति की गुंजाइश न बचे।


