📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने शुक्रवार सुबह जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की हकीकत परखने के लिए दो स्वास्थ्य केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब आठ बजे वे बिना किसी पूर्व सूचना के पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार और फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) भागलपुर पहुंचे। निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्रों को मिलाकर कुल 29 स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से नदारद मिले, जिन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश दिया गया।
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हाजिरी रजिस्टर में बड़ी संख्या में गैरहाजिरी
सबसे पहले जिलाधिकारी सीएचसी लार पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थिति पंजिका सबसे पहले खंगाली। रजिस्टर देखते ही व्यवस्था की पोल खुल गई — यहां 24 कर्मी अनुपस्थित पाए गए। हुल्गी ने सभी गैरहाजिर कर्मियों से जवाब-तलब करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने ओपीडी और प्रसव केंद्र समेत पूरे परिसर का बारीकी से जायजा लिया।
प्रसव केंद्र का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने यहां अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं को सभी अनुमन्य सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें इलाज के लिए इधर-उधर न भटकना पड़े।
भागलपुर में टूटी बाउंड्री और बिजली का संकट
लार के बाद जिलाधिकारी का काफिला पीएचसी भागलपुर की ओर बढ़ा। यहां भी उन्होंने ओपीडी, प्रसव केंद्र, बैठक कक्ष और परिसर का निरीक्षण किया। जांच के दौरान केंद्र की बाउंड्री वॉल टूटी हुई मिली, जिसकी मरम्मत खंड विकास अधिकारी के जरिए कराने का निर्देश दिया गया। जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में भी सुधार लाने को कहा गया।
निरीक्षण में सामने आया कि भागलपुर केंद्र लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहा है और अब तक यहां ट्रांसफार्मर नहीं लग सका है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के माध्यम से ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली की दिक्कत जल्द दूर कराने के आदेश दिए। इसी दौरान एक स्टाफ नर्स बिना आवंटन के सरकारी आवास में रहती मिली, जिसे खाली कराने का निर्देश भी दिया गया। यहां पांच कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिन्हें नोटिस थमाया गया।
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दवा, सफाई और मरीजों की संतुष्टि पर जोर
दोनों केंद्रों के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने साफ-सफाई और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अस्पताल आने वाले हर मरीज को बेहतरीन इलाज मिलना चाहिए और दवाओं की कमी किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए।
डीएम हुल्गी ने दो टूक कहा कि सभी स्वास्थ्यकर्मी समय से केंद्र पर पहुंचें और मरीजों का उपचार सुचारू रूप से करें, वरना लापरवाही पर कार्रवाई तय है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सिर्फ इलाज कर देना काफी नहीं है, बल्कि मरीज सेवाओं से संतुष्ट होकर लौटे, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को उन्होंने प्राथमिकता बताया।
जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में कर्मियों की गैरहाजिरी ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया है।


