गाज़ीपुर। जिले में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ प्रशासन ने पूरे एक सप्ताह तक ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर चले इस विशेष प्रवर्तन अभियान में सैकड़ों वाहनों की जांच हुई और दर्जनों वाहन अवैध परिवहन करते पकड़े गए। प्रशासन की इस सख्ती से खनन माफिया और नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया है।
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एक सप्ताह तक चला अभियान
यह अभियान 12 जून से 19 जून तक जिलेभर में चलाया गया। निदेशालय की विशेष टीम और खान निरीक्षक की अगुवाई में चली इस मुहिम के दौरान कुल 508 वाहनों की गहन जांच की गई। पड़ताल में 31 वाहन ऐसे मिले, जो उपखनिज का अवैध परिवहन कर रहे थे।
जांच के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नियम तोड़ने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना ठोका। कुल 24 वाहनों पर 12 लाख 37 हजार 830 रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसमें से ऑनलाइन चालान के जरिए 11 लाख 22 हजार 910 रुपये की धनराशि मौके पर ही जमा करा ली गई।
इसके अलावा सात वाहनों को जिलाधिकारी के अगले आदेश तक अलग-अलग थानों की सुपुर्दगी में रखवाया गया है। इनमें सबसे ज्यादा तीन वाहन भावरकोल थाने में, जबकि एक-एक वाहन खानपुर, सुहवल, सदर कोतवाली और जमानियां थाने में खड़ा कराया गया है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई सख्ती
यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई एक समीक्षा बैठक के बाद तेज हुई। उस बैठक में लंबित चालान वाले वाहनों, ओवरलोडिंग और फर्जी, धुंधली या गलत नंबर प्लेट लगाकर खनिजों की ढुलाई करने वाली गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
इन्हीं निर्देशों के क्रम में गाज़ीपुर के अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने अभियान की रूपरेखा तय की और जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के आदेश पर अमल शुरू हुआ। प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और नियमों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
लगातार हो रही इस धरपकड़ से अवैध खनन और परिवहन में लगे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन ने दोहराया कि राजस्व को चूना लगाने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अभियान रुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में भी जिलेभर में जांच और कार्रवाई का सिलसिला इसी तरह चलता रहेगा।

