गाज़ीपुर। जिले की स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला का तीखा रुख देखने को मिला। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय और जनपद स्तरीय टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक में डीएम ने काम में लापरवाही पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। इसके साथ ही 28 जून से शुरू हो रहे सघन पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई, जिसमें शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के सख्त निर्देश दिए गए।
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आशा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई न होने से नाराजगी
बैठक की शुरुआत में ही पिछली बैठक के निर्देशों पर अमल न होने का मामला उठा। डीएम ने बताया कि पहले ही सभी एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) को साफ निर्देश दिए गए थे कि जो आशा कार्यकर्ता काम नहीं कर रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया जाए। लेकिन समीक्षा में सामने आया कि किसी भी आशा को अब तक नोटिस नहीं दिया गया।
इस लापरवाही पर अनुपम शुक्ला ने नाराजगी जताई। उन्होंने दोबारा निर्देश देते हुए कहा कि जिन आशा कार्यकर्ताओं के यहां प्रसव का आंकड़ा शून्य पाया जाए, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। डीएम ने सभी एमओवआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) को तहसील स्तर पर बीएचएनडी की बैठकें नियमित रूप से करते रहने को भी कहा।
हेल्थ वेलनेस सेंटर और संस्थागत प्रसव पर जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने हेल्थ वेलनेस सेंटरों की कार्यप्रणाली पर खास ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि इन केंद्रों पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता बनी रहे, ओपीडी का संचालन सुचारू हो और सीएचओ एवं एएनएम की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों को इन केंद्रों की सक्रियता समय-समय पर जांचते रहने को कहा गया।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि योजना के तहत प्रसूताओं को निःशुल्क भोजन, दवा और ड्रॉप बैक की सुविधा मिले। साथ ही प्रसव के बाद महिलाओं को कम से कम 48 घंटे तक केंद्र पर रोके जाने को कहा, ताकि उनकी सेहत पर पूरी निगरानी रखी जा सके।
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दर्जनभर योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
बैठक का एक अहम बिंदु आगामी सघन पल्स पोलियो अभियान रहा, जो 28 जून 2026 से शुरू होगा। जिलाधिकारी ने अभियान की तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन और शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से छूटने न पाए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की कई योजनाओं की विस्तार से पड़ताल की। इनमें ओपीडी और आईपीडी की स्थिति, एफआरयू, आरबीएसके कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाएं और वेक्टर जनित रोगों का नियंत्रण शामिल रहा। इसके अलावा डीएम ने ई-कवच, आभा आईडी की प्रगति, जननी सुरक्षा योजना के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण और कुष्ठ उन्मूलन की भी समीक्षा की। प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड और जन्म-मृत्यु पंजीयन समेत अन्य बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
डीएम अनुपम शुक्ला ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की जितनी भी योजनाएं चल रही हैं, उनका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एनएचएम) समेत सभी एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) और अन्य संबंधित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

