अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को पहली बार अयोध्या पहुंचे। यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने जहां समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला, वहीं चढ़ावा प्रकरण पर एसआईटी जांच का भरोसा दिलाते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। इस दौरान उन्होंने सैकड़ों करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात भी दी और वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का अनावरण किया।
चढ़ावा विवाद पर एसआईटी जांच का भरोसा
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि इस मामले की जानकारी उन्हें भी समाचार पत्रों के जरिए मिली, जिसके बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बैठाई गई है। योगी ने भरोसा जताया कि जांच में दूध का दूध और पानी का पानी होकर रहेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई लिखित प्रमाण हो, वह उसे जांच टीम के हवाले कर दे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पड़ताल में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसे किसी सूरत में छोड़ा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि कोई ऐसी अनर्गल टिप्पणी न करे, जिससे रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि लोग श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की छवि बिगाड़ने में जुटे तत्वों की बातों में न आएं।
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सपा पर साधा सीधा निशाना
जनसभा में मुख्यमंत्री का सबसे आक्रामक रुख समाजवादी पार्टी के खिलाफ दिखा। उन्होंने सपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि आज जो लोग रामभक्तों के अपमान की बात कर रहे हैं, वही कभी कारसेवकों पर गोली चलवाने के लिए जिम्मेदार थे। राम के नारे लगाने वालों पर गोली चलवाने वाले अब उपदेश देने निकले हैं।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विपक्ष को परिवारवाद के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले शासन चला चुके लोगों की प्राथमिकता में जनता नहीं, बल्कि केवल अपना कुनबा रहता था। उनके मुताबिक उस दौर में नौकरी और सुविधाएं सिर्फ एक खास खानदान तक सीमित रहती थीं, आम जनता के कोई मायने नहीं थे। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि जिनकी सोच ही एक खास दायरे तक सीमित रही, वे वीरांगनाओं का सम्मान भला कैसे करते।
वीरांगनाओं के सम्मान में सरकार के कदम गिनाए
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में देश की वीरांगनाओं को विशेष रूप से याद किया। उन्होंने झलकारी बाई का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने देश की आजादी के लिए अंग्रेजों को नाको चने चबाने पर मजबूर कर दिया था। राष्ट्र नायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा का भाव ही राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतीबाई और झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं के नाम पर कई अभियान शुरू किए हैं। इसी कड़ी में सरकार ने वीरांगना झलकारी बाई, अवंतीबाई और ऊदा देवी के नाम पर पीएसी की तीन महिला बटालियन गठित की हैं। आगे उन्होंने कहा कि इन बटालियनों में केवल बेटियों की भर्ती सुनिश्चित की गई है। इन तीनों वीरांगनाओं की अश्वारोही प्रतिमाएं भी स्थापित की जाएंगी, ताकि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति की भावना का संचार हो।
आजादी के संघर्ष और विकास का जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने इतिहास के पन्ने भी पलटे। उन्होंने कहा कि 1857 के बाद अंग्रेजों ने देश के युवाओं को दबाने की पूरी कोशिश की, लेकिन युवा शक्ति झुकी नहीं। चौरी-चौरा और काकोरी जैसी घटनाओं ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी और आखिरकार फिरंगी ज्यादा दिन टिक नहीं पाए। आज देश आजाद है और एक नया उत्तर प्रदेश गढ़ा जा रहा है।
विकास के मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि अब हर गरीब के घर में मुफ्त शौचालय बन रहा है। पुरानी सरकारों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि उन्होंने कामाख्या धाम को नगर पंचायत क्यों नहीं बनाया, सड़कें क्यों नहीं बनाईं और गरीबों को राशन क्यों नहीं मिल पाता था। उनके मुताबिक इसकी वजह सिर्फ संवेदना और इच्छाशक्ति की कमी थी।
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सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
अयोध्या दौरे पर मुख्यमंत्री ने जिले को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने ₹378 करोड़ से अधिक लागत के राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय समेत 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके साथ ही करीब ₹290 करोड़ की 245 अन्य परियोजनाओं तथा रामायण वैक्स म्यूजियम और जोनल कार्यालय भवन का भी लोकार्पण हुआ। इस मौके पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी बांटे गए।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने रुदौली स्थित सिद्धपीठ मां कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की और मंदिर प्रांगण में बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया। उन्होंने कहा कि अपनी विरासत और आस्था के केंद्रों का सम्मान करना सभी की जिम्मेदारी है, और सरकार विकास तथा विरासत के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है।

