📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद देवरिया में अग्निशमन विभाग हरकत में आ गया है। विभाग द्वारा जनपद के रेस्टोरेंट, होटल एवं विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्रों की जांच का अभियान लगातार जारी है। इस दौरान आधा दर्जन से अधिक प्रतिष्ठानों की चेकिंग की गई, जिसमें चौंकाने वाली स्थिति सामने आई — ज़्यादातर प्रतिष्ठान बिना अग्निशमन यंत्र के संचालित हो रहे थे।
दिल्ली अग्निकांड के बाद देवरिया में अलर्ट
दिल्ली के मालवीय नगर में हुई दर्दनाक अग्नि दुर्घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इसके बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में प्रशासन और अग्निशमन विभाग सतर्क हो गए। देवरिया में भी अग्निशमन अधिकारी विशाल यादव के नेतृत्व में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच का सिलसिला शुरू किया गया। उद्देश्य यही है कि किसी भी प्रतिष्ठान में आग लगने की स्थिति में जनहानि से बचा जा सके और समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
यह भी पढ़ें: देवरिया में वृक्षारोपण अभियान शुरू
ज़्यादातर प्रतिष्ठानों में नहीं मिले अग्निशमन यंत्र
जांच टीम जब एक के बाद एक प्रतिष्ठानों तक पहुंची तो हर जगह हालात लगभग एक जैसे मिले — और वो हालात किसी को भी बेचैन कर देने वाले थे। आधा दर्जन से ज़्यादा होटल और रेस्टोरेंट का निरीक्षण हुआ, जिनमें से अधिकांश प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र का नामोनिशान तक नहीं था। बचे हुए दो प्रतिष्ठानों में फायर मशीन ज़रूर लगी थी, मगर वो इस्तेमाल करने लायक नहीं थीं — यानी आग की कोई भी घटना होने पर ये यंत्र महज दिखावा साबित होते। जनपद के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की यह स्थिति बताती है कि अग्नि सुरक्षा को लेकर संचालकों में जागरूकता और ज़िम्मेदारी दोनों की भारी कमी है, जो किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।
एक हफ्ते की मोहलत, फिर होगी कार्रवाई
जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर अग्निशमन विभाग ने संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एक हफ्ते के भीतर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। यानी प्रत्येक प्रतिष्ठान में कार्यशील अग्निशमन यंत्र लगाए जाएं और उनका नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।
अग्निशमन अधिकारी विशाल यादव ने बताया कि जो प्रतिष्ठान निर्धारित समय सीमा के भीतर अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं सुधारेंगे, उनके खिलाफ विभाग द्वारा नोटिस जारी किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जनपद के सभी प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी।
यह भी पढ़ें: DM मधुसूदन हुल्गी ने की CM डैशबोर्ड और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
लापरवाही पड़ सकती है भारी
गौरतलब है कि होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य है। इसके बावजूद कई संचालक इस नियम की अनदेखी करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आग लगने की स्थिति में पहले कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं — यदि इस दौरान अग्निशमन यंत्र का उपयोग किया जाए तो बड़े हादसे को टाला जा सकता है। ऐसे में क्रियाशील अग्निशमन यंत्र न रखना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि ग्राहकों और कर्मचारियों की जान को भी जोखिम में डालना है।
अग्निशमन विभाग की यह सख्ती एक ज़रूरी कदम है। देवरिया के व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को चाहिए कि वो चेतावनी को गंभीरता से लें और समय रहते अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।



