शेरपुर (गाज़ीपुर)। मानसून के दौरान बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को मुहम्मदाबाद क्षेत्र के शेरपुर गांव में उप जिलाधिकारी ध्रुव शुक्ल की अगुआई में बाढ़ राहत चौपाल बैठी जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं, राहत सामग्री और संचारी रोग नियंत्रण पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने बाढ़ के पिछले अनुभव साझा किए और SDM ने मौके पर ही अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।
ग्रामीणों ने बताईं समस्याएं
ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पिछले वर्षों में बाढ़ के दौरान आई परेशानियां खुलकर रखीं। उन्होंने बताया कि राहत सामग्री की उपलब्धता में देरी होती थी जिससे प्रभावित परिवारों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा था।
PHC पर डॉक्टरों की अनियमित उपस्थिति भी ग्रामीणों की प्रमुख शिकायतों में रही। उन्होंने कहा कि बाढ़ के मुश्किल दिनों में जब इलाज की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तब चिकित्सक केंद्र पर नहीं मिलते — इससे मरीजों को बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है।
SDM ध्रुव शुक्ल ने ग्रामीणों की बातें ध्यान से सुनीं और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्त निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत पर SDM ने CHC मुहम्मदाबाद के अधीक्षक डॉ. आशीष राय को PHC पर चिकित्सकों की नियमित तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। मौके पर पहुंचे चिकित्सक डॉ. प्रिंस कुमार को भी सेवाओं में कोई ढिलाई न बरतने की हिदायत दी गई।
दस्तक अभियान और संचारी रोग नियंत्रण की समीक्षा के बाद SDM ने स्वास्थ्य कर्मियों से कहा कि घर-घर जाकर बीमार लोगों की पहचान करें और जरूरत पड़ने पर फौरन मदद पहुंचाएं। गांव की गलियों में दवा छिड़काव कराने, टीकाकरण समय पर पूरा करने और जरूरी दवाओं का स्टॉक बनाए रखने के आदेश भी दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं के स्वास्थ्य संबंधी तैयारियां पूरी रखने को कहा गया। खंड विकास अधिकारी प्रेमचंद को पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण में तेजी लाने के आदेश दिए गए।
T3 मॉडल से रोग नियंत्रण
CHC अधीक्षक डॉ. आशीष राय ने संचारी रोगों की रोकथाम के लिए लागू T3 मॉडल — टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक — की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इस मॉडल के तहत संदिग्ध मरीजों की समय पर जांच (टेस्ट), बीमारी की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार (ट्रीट) और मरीजों की लगातार निगरानी (ट्रैक) की जाती है। इस व्यवस्था से मरीजों के संपर्क में आए लोगों की भी जांच संभव होती है जिससे संक्रमण की श्रृंखला समय रहते टूट जाती है।
डॉ. राय ने बताया कि T3 मॉडल मलेरिया, डेंगू और टीबी जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण में सहायक है। घर-घर जाकर मरीजों की पहचान और इलाज सुनिश्चित करने का कार्य इसी अभियान के तहत किया जा रहा है।
बाढ़ में एकजुट रहेंगे ग्रामीण
ग्राम पंचायत प्रशासक प्रतिनिधि जयानंद राय ने SDM को भरोसा दिलाया कि बाढ़ आने पर शेरपुर के लोग आपसी भेदभाव भूलकर एकजुट होते हैं और प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करते हैं। आपदा में सहयोग के लिए गांव के लोग हमेशा तैयार रहते हैं।
चौपाल में उप जिलाधिकारी ध्रुव शुक्ल, खंड विकास अधिकारी प्रेमचंद, नायब तहसीलदार नितीश शाही, CHC अधीक्षक डॉ. आशीष राय, सचिव सूर्यभान कुमार राय, एएनएम सरोज और सुनीता वर्मा, पशुपालन विभाग के फार्मासिस्ट ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


