गाज़ीपुर। भारत सरकार के राष्ट्रीय जल मिशन के अंतर्गत मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, गाज़ीपुर में “जल शपथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 11.10 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक के वाचक वीरेंद्र प्रताप ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने जल की प्रत्येक बूंद के महत्व को समझते हुए उसके विवेकपूर्ण उपयोग और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
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जल शपथ कार्यक्रम का आयोजन
राष्ट्रीय जल मिशन के तहत देशभर में जल संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गाज़ीपुर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में मंगलवार को यह आयोजन हुआ।
वाचक वीरेंद्र प्रताप ने सभी पुलिसकर्मियों को शपथ दिलाई कि वे जल के अपव्यय को रोकेंगे और दैनिक जीवन में जल का सदुपयोग करेंगे। भू-जल संरक्षण, जल स्रोतों के संरक्षण और संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि “जल ही जीवन है” — यह केवल एक नारा नहीं बल्कि हर नागरिक का नैतिक दायित्व है।
वर्षा जल संचयन पर जोर
अधिकारियों ने वर्षा जल संचयन को प्राथमिकता देने की बात कही। मानसून के दौरान जो वर्षा जल बर्बाद होता है उसे संचयन के जरिए भूमिगत जल स्तर को बनाए रखने में उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वर्षा जल संचयन को अपनाकर भविष्य के संभावित जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है। भू-जल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है — समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पेयजल संकट और गहरा होगा। अधिकारियों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और पड़ोसियों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
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जन-जागरूकता का आह्वान
अधिकारियों ने आमजन से जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति जल बचाने का संकल्प ले तो जल संसाधनों को सुरक्षित रखा जा सकता है। जल की बर्बादी रोकना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं — यह हर परिवार और हर व्यक्ति का कर्तव्य है। नल से टपकते पानी को ठीक कराना, बाल्टी से नहाना और खेतों में ड्रिप सिंचाई जैसे छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
शपथ के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर यह प्रण लिया कि भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण उपलब्ध कराने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करेंगे। राष्ट्रीय जल मिशन का उद्देश्य केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं है — जब पुलिस जैसी संस्थाएं यह संदेश देती हैं तो समाज पर उसका प्रभाव और व्यापक होता है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान में पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।


