लखनऊ, 4 अगस्त। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया गया। संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 59,019.54 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। समाजवादी पार्टी के सदस्य राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर पहले चर्चा कराने की मांग कर रहे थे।
सदन में शुरुआत से हंगामा
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा सदस्यों ने वेल में आकर राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर चर्चा की मांग रखी। सपा समेत विपक्षी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर सदन पहुंचे, जिन पर शिक्षक भर्ती आरक्षण और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे लिखे थे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही सुबह 12:20 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। इससे पहले बजट पेश करने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें प्रदेश के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।
मुख्यमंत्री के बोलने के बावजूद सदन में शोर-शराबा थमने का नाम नहीं ले रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब अनुपूरक बजट पर अपनी बात रखने लगे, तभी सपा सदस्यों की तरफ से नारेबाजी तेज हो गई। सदन में सपा विधायकों ने “चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में” के नारे लगाए, जिसके जवाब में भाजपा सदस्य भी नारे लगाते नजर आए।
विधायक सदन से बाहर
अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान सदन में एक विवाद खड़ा हो गया जब फिरोजाबाद के जसराना से विधायक सचिन यादव ने मुख्यमंत्री से संबंधित एक तस्वीर लहराई, जिस पर नारा अंकित था। इससे नाराज होकर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने तुरंत उन्हें पूरे सत्र के लिए सदन से बाहर करने का आदेश सुना दिया। सतीश महाना ने चेतावनी दी कि अगर विधायक ने दोबारा ऐसा किया तो एथिक्स कमेटी को शिकायत भेजकर उनकी सदस्यता समाप्त कराने की सिफारिश की जाएगी। इसके बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा कि इस चर्चा का एजेंडा पहले से निर्धारित था और यह सीधे प्रदेश की जनता से जुड़ा विषय था, फिर भी विपक्षी दलों ने इसमें भाग लेने की बजाय शोर-शराबे का रास्ता चुना। सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जानकारी मिलते ही हमने एसआईटी बनाई और आरोपियों की गिरफ्तारी करवाई, कार्रवाई अभी भी जारी है।”
बजट में विभागवार आवंटन
अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा हिस्सा भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग को मिला है, जिसे 1,30,301.92 लाख रुपये राजस्व मद में और करीब 20,905.88 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। ग्राम्य विकास विभाग को 8,103.51 लाख रुपये राजस्व तथा करीब 14,184.72 करोड़ रुपये पूंजीगत मद में दिए गए हैं। ऊर्जा क्षेत्र के लिए 7,02,227 लाख रुपये राजस्व मद में और 40,000 लाख रुपये पूंजीगत मद में रखे गए हैं।
मनरेगा और वीबी-ग्राम जी योजनाओं के लिए कुल 16,402.46 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है, जिसमें वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा सामग्री मद के लिए 2,500 करोड़ रुपये शामिल हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसमें राजस्व मद में 1,100 करोड़ रुपये और पूंजीगत मद में 96 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। परिवार कल्याण प्रभाग के लिए 704.25 करोड़ रुपये तथा पंचायती राज विभाग को 15,633 लाख रुपये राजस्व और 13,998 लाख रुपये पूंजीगत बजट मिला है। कृषि विभाग को 13,237.76 लाख रुपये राजस्व और 15,900 लाख रुपये पूंजीगत विकास के लिए दिए गए हैं।
सरकार ने अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के साथ साथ पहले से स्वीकृत योजनाओं और अधूरी परियोजनाओं के लिए भी अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान किया है, खासतौर पर अवस्थापना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में।
चढ़ावा चोरी पर एसआईटी जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन से बाहर आकर पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी और कैमरे में दिखे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार एसआईटी जांच में कोई साधु संत दोषी नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है और चढ़ावा चोरी में पकड़े गए लोगों का किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने जांच के बीच एसआईटी के पुनर्गठन की बात कही थी।
विपक्ष ने बजट पर सवाल
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने अनुपूरक बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सरकार अपना मूल बजट ही 30 से 50 प्रतिशत तक खर्च नहीं कर पाई, इसलिए अब अनुपूरक बजट के जरिए इसे छिपाने की कोशिश की जा रही है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने भी कहा कि मूल बजट में हुए खर्च का हिसाब अब तक सामने नहीं आया है, इसलिए मौजूदा अनुपूरक बजट से कोई खास फर्क पड़ने की उम्मीद नहीं है।
उधर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य कैबिनेट बैठक के बाद एक साथ बाहर निकले, जिसकी तस्वीरें राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी रहीं। अनुपूरक बजट पर विस्तृत चर्चा बुधवार को होनी है और सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

