अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में गुरुवार को सबसे बड़ा कानूनी कदम उठाया गया। रामजन्मभूमि कोतवाली में कृष्णमोहन की तहरीर पर पहली FIR दर्ज कर ली गई। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दर्ज इस FIR में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव को नामजद किया गया है। FIR दर्ज होते ही अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के अनुसार कुल 8 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इसी दिन AAP सांसद संजय सिंह ने SIT को जमीन घोटाले से जुड़े 11 दस्तावेज सौंपे और ₹2 करोड़ की जमीन उसी दिन ₹18.5 करोड़ में बेचे जाने का विस्फोटक आरोप लगाया।
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SIT की सिफारिश के बाद कानूनी शिकंजा
SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर यह FIR दर्ज की गई है। यूपी सरकार के निर्देश पर BNS की धारा 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के तहत मुकदमा कायम किया गया। चढ़ावे की राशि के संग्रहण और जमा प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं — खासकर CCTV में चोरी करते दिखे लोगों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ यह कार्रवाई हुई है।
अब तक SIT जांच के दायरे में था, लेकिन FIR दर्ज होने के बाद जांच का कानूनी दायरा और गंभीर हो गया है। आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन, चढ़ावे के प्रबंधन और संबंधित पहलुओं की विस्तृत जांच अब पुलिस भी करेगी। जांच एजेंसियां दस्तावेज, रिकॉर्ड और साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं।
SIT 6 दिनों तक अयोध्या में रही और ट्रस्ट के सदस्यों से पूछताछ की। प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। हालांकि SIT के कुछ कर्मचारी और तकनीकी स्टाफ अयोध्या में ही मौजूद हैं और दस्तावेजों का संकलन जारी है। SIT शुक्रवार को दोबारा अयोध्या पहुंचकर जांच की अगली कार्रवाई शुरू कर सकती है।
₹2 करोड़ की जमीन ₹18.5 करोड़ में
SIT प्रमुख व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और सदस्य नील रतन से मुलाकात कर AAP सांसद संजय सिंह ने जमीन खरीद से जुड़े 11 दस्तावेज सौंपे। उनका दावा है कि मंदिर के लिए कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं जिससे चंदे की रकम को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सबसे चौंकाने वाला मामला 18 मार्च 2021 का है। संजय सिंह के अनुसार उस दिन सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम पाठक और हरीश पाठक से गाटा संख्या 243, 244 और 246 की जमीन ₹2 करोड़ में खरीदी। आरोप है कि उसी दिन कुछ ही देर बाद यही जमीन ट्रस्ट को ₹18.5 करोड़ में बेच दी गई। एक ही दिन में ₹16.5 करोड़ का अंतर — यह संजय सिंह का सबसे बड़ा आरोप है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बैनामे के गवाह तत्कालीन मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा थे। साथ ही यह भी कहा कि जिन लोगों के नाम चढ़ावा अनियमितता में सामने आए हैं उनकी भूमिका जमीन के विवादित सौदों में भी दिखाई देती है। SIT ने दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
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SIT करेगी ट्रस्ट के अकाउंट की पड़ताल
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार SIT अब अपनी जांच का दायरा और बढ़ाएगी। शिकायतों, वीडियो साक्ष्यों और दान व्यवस्था से संबंधित अभिलेखों का मिलान करने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के अकाउंट सिस्टम की भी विस्तृत पड़ताल की जाएगी। मंदिर की आय-व्यय का विवरण कितना उपलब्ध है — यह देखा जाएगा। जमीन खरीद से जुड़ी पत्रावलियों और संबंधित लोगों से दोबारा पूछताछ भी संभव है।
इसी बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल गुरुवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की। केजरीवाल अयोध्या में रात भर रुकेंगे और 26 जून को राम मंदिर और हनुमानगढ़ी मंदिर के दर्शन करेंगे। FIR दर्ज होने और केजरीवाल के अयोध्या दौरे ने इस मामले को राजनीतिक रूप से और गर्म कर दिया है। अब सबकी नजरें SIT की अगली कार्रवाई पर हैं।

