गाज़ीपुर, 9 अगस्त। समाजवादी पार्टी कार्यालय में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी स्वाभिमान पार्टी (बिरसा मुंडा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद मुसहर अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले उन्होंने बिरसा मुंडा की तस्वीर पर माल्यार्पण किया।
सपा कार्यालय पहुंचे आनंद मुसहर
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आनंद मुसहर ने साफ किया कि आगे की राह अखिलेश यादव के साथ मिलकर तय की जाएगी, और आगामी विधानसभा चुनाव में पीडीए के बैनर तले सत्ता हासिल करना उनका लक्ष्य है। उन्होंने समाज की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए कहा कि आदिवासी-मुशहर वर्ग बरसों से हक, इज्जत और रोजमर्रा की जरूरी सुविधाओं की लड़ाई लड़ता आ रहा है।
उनके मुताबिक बड़ी तादाद में लोगों के पास न अपनी जमीन है, न पक्की छत, और शिक्षा-चिकित्सा जैसी बुनियादी चीजें भी अधूरी हैं। गोपाल यादव ने कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि यह तबका वर्षों से नजरअंदाज होता रहा है। कई परिवारों के पास आज भी न पक्का ठिकाना है, न जमीन का कागज, जिस वजह से उन्हें हमेशा बेदखली की आशंका सताती रहती है। इसी वजह से समाज लंबे समय से अपने अधिकारों की मान्यता और स्थायी समाधान की मांग करता रहा है।
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सवा लाख मतदाताओं का दावा
गोपाल यादव के अनुसार जिले में आदिवासी और मुशहर समुदाय की आबादी वोटर लिस्ट में करीब सवा लाख तक पहुंचती है, जो किसी भी सीट का नतीजा पलटने का दम रखती है। उनका दावा था कि यह तबका जिस तरफ रुख करेगा, आगामी चुनाव में उसका सीधा फायदा उसी पार्टी को मिलेगा।
उन्होंने एक पुरानी शिकायत का भी जिक्र किया कि आमतौर पर पार्टियां चुनाव नजदीक आने पर या कुछ सुविधाएं देकर इस वर्ग से संपर्क साधती हैं, लेकिन इस बार तस्वीर उलट थी क्योंकि समाज के लोग खुद अपने पैसे और साधनों से पार्टी दफ्तर तक पहुंचे। गोपाल यादव के मुताबिक यह कदम बताता है कि समाज को अखिलेश यादव पर भरोसा है और वे अपनी मांगों को सियासी मंच पर उठाना चाहते हैं।
आदिवासी समाज की प्रमुख मांगें
कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों ने अपनी बुनियादी जरूरतों को लेकर आवाज उठाई, जिसमें जमीन का स्थायी हक, पक्का घर, बेहतर स्कूल-अस्पताल और समाज को उचित सम्मान दिए जाने जैसी बातें शामिल रहीं। आनंद मुसहर ने मंच से भरोसा दिलाया कि उनका संगठन अब समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर काम करेगा, और आने वाले चुनाव में पीडीए के झंडे तले सरकार बनाने का लक्ष्य दोहराया।
सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव का मानना था कि यह घटना महज एक और राजनीतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाज में जागरूकता बढ़ने का संकेत है। उनके अनुसार पहली बार ऐसा हुआ जब समाज के लोग खुद पहल करते हुए किसी पार्टी दफ्तर पहुंचे और अपनी मर्जी से समर्थन जताया। इस घटनाक्रम के बाद जिले में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।


