सिद्धार्थनगर, 9 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज और बांसी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचे। वहां उन्होंने कई विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करने के बाद जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने युवाओं के रोजगार, स्वास्थ्य ढांचे, शिक्षा और कानून-व्यवस्था जैसे कई अहम विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी, साथ ही विपक्षी दलों की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए।
परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने डुमरियागंज और बांसी क्षेत्र में करीब 311 करोड़ रुपये की लागत से बनी 107 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। कार्यक्रम में उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने युवाओं की बदलती भूमिका पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों का असर यह हुआ है कि अब देश का युवा वर्ग सिर्फ नौकरी तलाशने के बजाय दूसरों को रोजगार देने की स्थिति में पहुंच रहा है। उन्होंने पीएम स्टार्टअप योजना, डिजिटल इंडिया, पीएम इंटर्नशिप और मिशन रोजगार का हवाला देते हुए कहा कि इन योजनाओं से युवाओं के सामने रोजगार के नए द्वार खुले हैं।
मुख्यमंत्री ने पिछले दशक भर के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस अवधि में देशभर में 17 करोड़ से ज्यादा लोगों को काम मिला है। कौशल विकास की दिशा में हो रहे कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल देशभर में लगभग 17 हजार स्किल डेवलपमेंट सेंटर काम कर रहे हैं, साथ ही 15 हजार से ज्यादा आईटीआई भी संचालित हैं, जो युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ-साथ खुद का कारोबार शुरू करने के लिए भी तैयार कर रहे हैं।
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उच्च शिक्षा में देश की प्रगति
मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि वर्ष 2014 में देश में 431 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 818 हो गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आईआईटी की संख्या 16 से बढ़कर 23 और आईआईएम की संख्या 13 से बढ़कर 22 हो चुकी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक 2014 से पहले देश में करीब 51 हजार एमबीबीएस सीटें थीं, जो अब बढ़कर करीब 1.28 लाख हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं से करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकल चुके हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि पार्टी ने देश में 55 से 60 वर्षों तक शासन किया, फिर भी गरीबों और महिलाओं के जीवन में इतना व्यापक बदलाव क्यों नहीं आ सका।
सुरक्षा और स्वास्थ्य पर जोर
धार्मिक यात्राओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने पुरानी सरकार पर तंज कसा। उनका कहना था कि विपक्षी शासन में शिव भक्तों की यात्रा को इजाजत तक नहीं मिलती थी, वहीं मौजूदा सरकार ने इसे बिना किसी रोक-टोक चलने देने और पूरी हिफाजत देने का वादा निभाया है। इसका नतीजा यह है कि आज मेरठ से हरिद्वार तक फैले रास्ते पर लाखों कांवड़िए बेखौफ चल रहे हैं और उन पर हवाई मार्ग से फूल बरसाए जा रहे हैं। महिलाओं और कारोबारियों की सुरक्षा को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत नौ साल में प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव या दंगे की एक भी घटना दर्ज नहीं हुई, जो पहले आम बात हुआ करती थी।
चिकित्सा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सिद्धार्थनगर में मेडिकल कॉलेज अब पूरी तरह से चालू हो चुका है, जो सरकार के एक जिला एक मेडिकल कॉलेज लक्ष्य का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार में इच्छाशक्ति हो, तो इस तरह के बड़े काम मुमकिन हो जाते हैं, जिसका सबूत है कि बीते नौ वर्षों में प्रदेशभर में 83 नए मेडिकल कॉलेज खोले जा चुके हैं। इसका सीधा लाभ महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर और बस्ती जैसे पूर्वांचल के जिलों को मिल रहा है, जहां अब चिकित्सा सुविधाएं पहले से बेहतर हुई हैं।

