गाज़ीपुर, 9 अगस्त। जमानिया नगर पालिका परिषद के फर्जी लेटर पैड विवाद में मुकदमा दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच की परतें खोलने में जुटी है। इस बीच नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता का धरना रविवार को भी जारी रहा, वहीं भाजपा संगठन विवाद सुलझाने की कोशिशों में लगा है। मामले में भारतीय न्याय संहिता की छह अलग-अलग धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह भी पढ़ें: शहीद अब्दुल हमीद पार्क में चोरों का बोलबाला
दर्ज हुईं छह धाराएं
एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक की तहरीर पर जमानिया कोतवाली में 7 अगस्त को मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) तथा 3(5) के तहत कार्रवाई शुरू की है। आरोप है कि 45358 और 9484 क्रमांक वाले दो पत्रों पर 10 जून 2026 की तारीख डालकर एमएलसी के नाम से जाली हस्ताक्षर बनाए गए, जिनके जरिए पंडित दीनदयाल नगर विकास योजना के तहत करीब 4 करोड़ 8 लाख रुपये का अनुदान हासिल करने की कोशिश की गई। इस रकम से नगर के मुख्य मार्गों पर सात और नौ मीटर ऊंचे पोल लगाकर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था दुरुस्त करने की योजना बताई गई थी।
जांच का दायरा बढ़ाया गया
एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि जांच केवल फर्जी लेटर पैड और हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि शासन को भेजे गए दस्तावेज, प्रस्ताव तैयार करने की पूरी प्रक्रिया, पत्र किस स्तर पर बना और उसे किन माध्यमों से आगे भेजा गया, इन सभी बिंदुओं की भी जांच की जाएगी। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर राम सजन नागर कर रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र कहां तैयार हुए, किसने तैयार किए और सरकारी अनुदान का प्रस्ताव आगे बढ़ाने में किन-किन लोगों की भूमिका रही। इसके लिए संबंधित दस्तावेज और सरकारी रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: जमानिया में फर्जी लेटर पैड विवाद, चेयरमैन का धरना
गिरफ्तारी की मांग, अनशन जारी
शिकायतकर्ता डॉ. प्रदीप पाठक ने पुलिस से मामले की पूरी जांच कर नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता की गिरफ्तारी की मांग की है। सीओ जमानिया ने बताया कि विवेचना चल रही है और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता रविवार सुबह ग्यारह बजे से रामलीला मैदान में क्रमिक अनशन पर बैठे रहे और साफ किया कि जब तक मुकदमा वापस नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि दोनों पक्ष पार्टी के जनप्रतिनिधि हैं, इसलिए उन्हें बैठाकर बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकाला जाएगा।
एमएलसी कार्यालय के मुताबिक जब यह पत्र वहां पहुंचा, तो जांच में उसे फर्जी पाया गया, जिसके बाद नगर विकास मंत्री को इसकी सूचना देकर अनुदान प्रक्रिया रोकने और कानूनी कार्रवाई की मांग रखी गई थी। इसी आधार पर बाद में एमएलसी प्रतिनिधि ने पुलिस को तहरीर दी। रविवार को एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने भी दोपहर बारह बजे अपने कार्यालय पर जनता दर्शन कार्यक्रम रखा, जिसमें उन्होंने आम लोगों की समस्याएं सुनीं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच सामने आया यह विवाद भाजपा के भीतर की खींचतान को भी उजागर करता है, क्योंकि पार्टी के दो जनप्रतिनिधि ही आमने-सामने आ गए हैं।

