लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को सुभासपा प्रमुख एवं पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। प्रयागराज के तीन बुजुर्गों की हत्या से शुरू हुआ यह विवाद सपा में टूट के दावों, PDA फॉर्मूले पर हमले और खनन-गोमती घोटाले तक फैल गया। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर सोशल मीडिया और प्रेसवार्ता के जरिए कड़े प्रहार किए।
राजभर का सपा पर निशाना
विवाद की शुरुआत प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में सोमवार रात हुई एक दर्दनाक घटना से हुई। आरोपी हिमांशु यादव ने अपनी प्रेमिका के परिवार के तीन बुजुर्ग सदस्यों — श्यामलाल (65), उनकी पत्नी अमरावती देवी और इंद्रावती (62) — की इसलिए हत्या कर दी क्योंकि वे इस रिश्ते से सहमत नहीं थे। पुलिस ने 12 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए हिमांशु यादव को गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना पर राजभर ने सोशल मीडिया पर लंबी पोस्ट लिखी। उन्होंने कहा कि तीन बुजुर्गों का एकमात्र “अपराध” यही था कि वे अपनी बेटी की शादी आरोपी से नहीं करना चाहते थे। राजभर ने आरोप लगाया कि आरोपी सपा से जुड़ा है और अखिलेश यादव का स्वजातीय है — इसीलिए सपा इस मामले पर चुप है। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख को कम से कम इतना तो कहना चाहिए था कि अपराधी को कड़ी सजा मिले।
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सपा में टूट का दावा
राजभर ने बुधवार को एक और बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें एक पत्र सौंपा है। राजभर का दावा था कि सपा में बड़ी टूट होना तय है और “समूची समाजवादी पार्टी ही भाजपा में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है।”
उन्होंने खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का भी जिक्र किया। राजभर ने कहा कि इन घोटालों का मास्टरमाइंड कौन है — यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह आने वाले दिनों में जोनवार और कमिश्नरेटवार आंकड़े भी सार्वजनिक करेंगे।
इसके अलावा राजभर ने 2008 के “वोट के बदले नोट कांड” का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा के काले कारनामों को एक-एक करके उजागर किया जाएगा।
PDA पर हमला और पुलिस आंकड़ों का दावा
राजभर ने सपा के सबसे चर्चित राजनीतिक फॉर्मूले PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि सपा का PDA यानी “पीट देगा अहीर” अब KDA — “काट देगा अहीर” की राजनीति में बदलता दिख रहा है।
राजभर ने अपने दावे के समर्थन में यूपी पुलिस के जनवरी से अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों का हवाला दिया। उनके अनुसार इस अवधि में दलितों और शोषित वर्गों के खिलाफ अपराध के मामलों में 2,160 यादव और 1,983 मुस्लिम आरोपी सामने आए। राजभर ने कहा कि यह रिपोर्ट सपा तक भी पहुंच चुकी होगी।
“लंका में आग लगने वाली है”
राजभर ने अपने एक्स अकाउंट पर अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए लिखा — “आपकी लंका में आग लगने वाली है और आप दूसरों की चिंता में लगे हैं। बचा सकते हैं तो बचा लीजिए अपनी पार्टी को। बुला लीजिए सांसदों और विधायकों की बैठक और सबके हाथ में गीता-कुरान देकर शपथ करवा लीजिए — सब सच उगल देंगे।”
उन्होंने गठबंधन टूटने का जिक्र करते हुए कहा — “आप बस यही जवाब दे दीजिए कि आपने हमसे गठबंधन क्यों तोड़ा था? यही ना कि मैंने आपसे कहा कि जरा एसी से निकलकर जमीन पर आइए, थोड़ी मेहनत कर लीजिए।” राजभर ने यह भी कहा कि उन्हें जब सम्मान मिला तो वह पिछड़े, शोषितों और वंचितों की आवाज उठाने भाजपा के साथ आए।
राजभर ने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि “मेरा एक सुझाव है — सपा का विलय सुभासपा में कर लीजिए। हम आपको कुछ ना कुछ तो जरूर बना देंगे।” उन्होंने अखिलेश यादव के लिए “गोलू टाइप इंसान” जैसे शब्द भी इस्तेमाल किए और कहा कि “देसी चाचाओं ने सोने को पहले ही पीतल में बदल दिया है।”
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अखिलेश यादव का पलटवार
राजभर के हमलों पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान करारा जवाब दिया। राजभर पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा — “गाना और दाना, कब तक चलेगा ये अफसाना।”
सपा में टूट के दावे पर अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने पहले भी उनके विधायक और सांसद तोड़े हैं — लालच और डर दिखाकर। उन्होंने कहा — “जो डरेगा, वो तो जाएगा। बहादुर लोग होने चाहिए।” उन्होंने पलटवार करते हुए दावा किया कि यूपी में भाजपा के ही विधायक पाला बदलने को तैयार बैठे हैं — समय आने पर इसका पता चल जाएगा।
राजभर को लेकर उन्होंने सीधे कहा कि “हमारी पार्टी को लेकर भविष्यवाणी करने वाले अपनी पार्टी का भविष्य देखें।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गठबंधन से 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाई गई और पैसा एडवांस लिया गया — अब लोग वह पैसा पाने के लिए उसे ढूंढ रहे हैं।
इसके अलावा अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे पर कहा कि भाजपा के लिए “धर्म का मतलब धन है।” वहां के सीसीटीवी की फुटेज गायब होने का दावा दोहराते हुए कहा कि कैमरे रहते तो चोरी का राज खुल जाता। गोरखपुर में शिक्षा और स्वास्थ्य की बदहाली के आंकड़े पेश करते हुए उन्होंने जल्द कार्यकर्ता सम्मेलन करने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार खाद का इंतजाम नहीं कर पाई तो चुनाव नवंबर में ही हो सकते हैं।

