लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता की। इसी दिन समाजवादी ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों और ब्राह्मण समाज से आने वाले विधायक, पूर्व विधायक, सांसद और पूर्व सांसद के साथ भी बैठक हुई। दोनों आयोजनों में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति और संगठन विस्तार पर मंथन किया गया।
संगठन और कार्यक्रमों पर मंथन
प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में समाजवादी ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों के साथ विभिन्न जिलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। अगस्त माह में प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारी, जिम्मेदारियों का बंटवारा और अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक में जनेश्वर मिश्र जयंती को बड़े स्तर पर मनाने की रूपरेखा भी तैयार की गई। पार्टी का मानना है कि इस आयोजन के माध्यम से समाजवादी मूल्यों और सामाजिक समरसता का संदेश व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकेगा। गोरखपुर जिले के कार्यकर्ताओं के साथ अलग से बैठक हुई जिसमें जनसंपर्क अभियान और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई। बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
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गोरखपुर में नतीजे बदलने का संकल्प
प्रेसवार्ता में अखिलेश यादव ने कहा — “इस बार हम गोरखपुर में भाजपा को जीरो पर लाने के लिए काम करेंगे। हमने गोरखपुर में नतीजे बदलने का संकल्प लिया है।” उन्होंने कहा कि बहुत जल्द पार्टी संगठन गोरखपुर में बैठक की तारीख तय करेगा।
अखिलेश यादव ने दावा किया कि गोरखपुर में 500 प्राइमरी स्कूल बंद किए गए जिससे 1,500 लोगों की सरकारी नौकरी सीधे प्रभावित हुई। उन्होंने गोरखपुर में दलितों के खिलाफ अपराध और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े भी सामने रखे। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन था और वही रहेगा — जो रुकावट डालने आएंगे वे भाजपा को ही फायदा पहुंचाना चाहते हैं।
स्कूल, नौकरी और भ्रष्टाचार पर सवाल
अखिलेश यादव ने प्रेसवार्ता में कई मुद्दे उठाए। मथुरा को लेकर लिखी गई चिट्ठी और केयर फंड व गुरु दक्षिणा का हिसाब न मिलने का सवाल उठाया। उनका आरोप था कि इस सरकार में अमीर और अमीर होता गया जबकि गरीब की स्थिति में सुधार नहीं आया। सरकार के हर कॉरिडोर और चौड़ीकरण परियोजना में अनियमितता का दावा करते हुए बहुसदस्यीय न्यायिक जांच की मांग की।
चुनावों में सीसीटीवी के गायब होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कैमरे रहते तो चढ़ावा चोरी का सच सामने आ जाता। अयोध्या में जमीन से जुड़े आरोप दोहराए और कहा कि व्यापारी खुद उनसे मिलने आए थे। भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक जानबूझकर कराए जाने और प्रदेश में जमीनों पर अवैध कब्जे की घटनाएं बढ़ने का दावा भी किया।
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2027 और संगठन पर जोर
अखिलेश यादव ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से वोटर लिस्ट और बूथ पर ध्यान केंद्रित करने और शिष्ट व्यवहार बनाए रखने की अपील की।
पीडीए के बारे में उन्होंने कहा कि यह समाजवादी पार्टी के साथ है और इसीलिए विरोधी घबराए हुए हैं। भाजपा से मुकाबले के लिए बहादुर कार्यकर्ताओं की जरूरत बताते हुए कहा कि जो डर जाएगा वह पार्टी छोड़कर चला जाएगा। सपा अध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा के ही कुछ विधायक पाला बदलने को तैयार हैं। प्रदेश की जनता में बदलाव की चाहत को अपनी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती और सामाजिक सहभागिता के बल पर 2027 का चुनाव लड़ा जाएगा।


