उन्नाव/लखनऊ। गुरुवार को उन्नाव के भवानखेड़ा गांव में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹570 करोड़ से अधिक की 101 विकास परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया। लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, चेक और नियुक्ति-पत्र सौंपे गए। जनसभा में सीएम ने सपा-कांग्रेस पर तीखे हमले बोले और उन्नाव के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उन्नाव को मिलीं 101 विकास परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्नाव के लिए आज ₹570 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का एक साथ लोकार्पण और शिलान्यास हो रहा है। ये परियोजनाएं जिले में आधारभूत संरचना, जनसुविधाओं और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगी। उन्होंने शहीद गुलाब सिंह लोधी पुलिस प्रशिक्षण केंद्र की क्षमता दोगुनी करने की उपलब्धि का भी उल्लेख किया और इसे उस वीर नायक के प्रति श्रद्धांजलि बताया।
पहले गरीब शौचालय और आवास के लिए दर-दर भटकता था, घूस देने पर भी काम नहीं होता था। अब बिना सिफारिश के शौचालय, आवास, पेंशन, गैस कनेक्शन और आयुष्मान भारत का लाभ सीधे गरीब के दरवाजे तक पहुंच रहा है। सीएम ने कहा — “अच्छे लोग चुनकर जा रहे हैं, इसलिए विकास हो रहा है। जब गलत लोग चुने जाते थे, तब विकास में बाधा आती थी।” उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस ने जितने वर्ष शासन किया, वे काम जो भाजपा सरकार ने किए वह उनसे कभी नहीं हो पाए। विपक्ष के दोहरे चरित्र को देखकर हंसी आती है।
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SCR, डिफेंस कॉरिडोर और रैपिड रेल
सीएम योगी ने उन्नाव के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि UP डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए उन्नाव में लगभग पौने तीन सौ हेक्टेयर जमीन और गंगा एक्सप्रेस-वे इंडस्ट्रियल क्लस्टर के लिए लगभग दो सौ एकड़ जमीन तैयार की जा चुकी है। इससे उन्नाव में नए उद्योग स्थापित होंगे और युवाओं को यहीं रोजगार मिलेगा।
उन्नाव को State Capital Region (SCR) का हिस्सा बनाए जाने की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि अब लखनऊ में होने वाला विकास उन्नाव तक पहुंचेगा और वहां से कानपुर तक जाएगा। जिस तरह दिल्ली से मेरठ तक देश की पहली रैपिड रेल पहुंची है, उसी तर्ज पर लखनऊ से उन्नाव होते हुए कानपुर तक रैपिड रेल के एक नए प्रस्ताव पर भी काम हो रहा है।
कनेक्टिविटी के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि अब उन्नाव का व्यक्ति लखनऊ को बाईपास करके सीधे दिल्ली और प्रयागराज जा सकता है। गंगा नदी पर अतिरिक्त ब्रिज की मांग भी पूरी हो चुकी है। इसके अलावा एक रिंग रोड बनाई जाएगी जिससे लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली आपस में जुड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आज विकास की नई ऊंचाइयां छू रहा है। मोदी जी ने भारत के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार माना है — यही उनकी और सपा-कांग्रेस की सोच में फर्क है।
सपा-कांग्रेस पर निशाना
सीएम ने बिना लाग-लपेट के कहा — “जिन्होंने प्रदेश को माफिया राज में तब्दील किया, जिन्होंने दंगा और कर्फ्यू का माहौल बनाया, वे आज विकास पर उपदेश दे रहे हैं। तनिक भी लज्जा नहीं है।”
रामायण का संदर्भ देते हुए सीएम ने कहा कि जिस तरह रामायण काल में खर, दूषण, मारीच और सुबाहू जैसे असुर थे, उसी तरह सपा-कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश में माफिया राज था। उन्होंने कहा — “क्या आपने कभी सपा-कांग्रेस के नेताओं को किसी गरीब के लिए आंसू बहाते देखा है? नहीं। इनके आंसू माफिया के लिए बहते हैं।”
सपा पर निशाना साधते हुए सीएम ने पुरानी कहावत का जिक्र किया — “देख सपाई, बिटिया-बहू घबराई।” उन्होंने कहा कि नारी शक्ति खर-दूषण जैसे लोगों से निपटना जानती है और वह यह अपमान भूलती नहीं।
दोनों दलों की मानसिकता पर तंज कसते हुए सीएम ने कहा — “कांग्रेस के लिए गरीब का मतलब केवल नेहरू-गांधी परिवार था और समाजवादी पार्टी के लिए सैफई परिवार। उससे बाहर वे किसी के बारे में सोच भी नहीं सकते थे।” उन्होंने कहा — “याद करिए, एक सोच वह थी जो सैफई को ही पूरा प्रदेश मान लेती थी। और एक सोच मोदी जी की है, उन्होंने भारत के 140 करोड़ लोगों को अपना परिवार माना है।”
सीएम ने यूपी के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “यूपी का युवा सपा-कांग्रेस को कभी स्वीकार नहीं करेगा। जब भी मौका मिलेगा, वह उस अपमान का बदला जरूर लेगा। यही यूपी का नौजवान पिछले 14 वर्षों से कर रहा है।” उन्होंने देश की चार जातियां बताते हुए कहा — “गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाएं और युवा — यही चार जातियां देश की असली ताकत हैं।”
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कानपुर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला
उन्नाव की जनसभा के बाद सीएम चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर में प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026 में शामिल हुए। प्रदेशभर से पहुंचे किसानों के बीच प्राकृतिक खेती में बेहतरीन काम करने वाले प्रगतिशील कृषकों को सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती केवल एक पारंपरिक पद्धति नहीं बल्कि भारत की नई अर्थव्यवस्था की धुरी बन रही है। रासायनिक खेती के विकल्प के रूप में यह किसानों की लागत कम करती है, मिट्टी का स्वास्थ्य सुधारती है और भारतीय कृषि उत्पादों को विश्व बाजार में प्रीमियम पहचान दिलाएगी। सीएम ने किसानों से आधुनिक तकनीक से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकार बाजार और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



