लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में 930 नवचयनित कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने सरकारी कर्मचारियों में बढ़ती रील संस्कृति पर कड़ा संदेश दिया और प्रदेश की कानून-व्यवस्था, फोरेंसिक ढांचे, साइबर सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर विस्तार से बात की। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना समेत पुलिस विभाग और शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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ड्यूटी में रील नहीं, कर्तव्य निभाएं
मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल कुछ सरकारी कर्मचारी अपने दायित्वों को किनारे रखकर ड्यूटी के समय सोशल मीडिया पर रील बनाने में रुचि दिखाते हैं। उन्होंने इसे सेवा की गरिमा के विरुद्ध बताया। “ड्यूटी के समय रील बनाना अनुशासनहीनता है। उस समय कर्मचारी को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे व्यक्ति या विभाग उपहास का पात्र बने।”
उन्होंने नवनियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों को निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यपरायणता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। शासन और प्रशासन में टालमटोल की प्रवृत्ति समाप्त होनी चाहिए — यह उन्होंने स्पष्ट कहा। भर्ती प्रक्रियाओं में न कोई सिफारिश चलती है और न कोई भेदभाव होता है। 35 हजार आरक्षियों की हालिया भर्ती में करीब 29 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के इस दौर में नवनियुक्त कर्मचारी डिजिटल योद्धाओं की भूमिका निभाएंगे।
कानून-व्यवस्था में बदलाव
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में प्रदेश में दंगे और लंबे कर्फ्यू आम बात थे। पर्व और त्योहारों से पहले आशंका का माहौल रहता था। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश के किसी भी जनपद में कर्फ्यू लगाने की जरूरत नहीं पड़ी।
पुलिस सुधारों पर उन्होंने बताया कि सात जनपदों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई जो पहले की सरकारें नहीं कर पाईं। फोरेंसिक ढांचे की बात करते हुए उन्होंने कहा कि पहले 75 जनपदों के लिए सिर्फ चार फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएं थीं — अब इनकी संख्या 12 हो चुकी है और छह और ए-श्रेणी की प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस का अपना फोरेंसिक विज्ञान संस्थान भी तैयार है। बड़े जनपदों में तीन और छोटे जनपदों में दो मोबाइल फोरेंसिक वैन की सुविधा उपलब्ध है।
साइबर सुरक्षा पर उन्होंने बताया कि पहले प्रदेश में सिर्फ एक साइबर थाना था — आज सभी 75 जनपदों में साइबर अपराध थाने संचालित हैं। इसके अलावा प्रत्येक पुलिस थाने में साइबर सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा का वातावरण ही विकास की आधारशिला है।
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अर्थव्यवस्था और 2.25 लाख पुलिस भर्तियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य नहीं — यह देश की अर्थव्यवस्था का विकास इंजन बन चुका है। भारत सरकार की किसी भी योजना में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर रहता है। उन्होंने दावा किया कि पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है और UP अब देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
औद्योगिक विकास पर उन्होंने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में करीब 14 हजार औद्योगिक इकाइयां थीं जो अब 32 हजार से अधिक हो चुकी हैं — जिससे लाखों युवाओं को रोजगार मिला है।
पुलिस भर्ती के आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि नौ वर्षों में सवा दो लाख से अधिक पुलिस कार्मिकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता से हुई। गत वर्ष 60,244 आरक्षी नागरिक पुलिस पदों पर भर्ती की गई। इन सभी को उत्तर प्रदेश पुलिस के अपने प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षित किया गया और अब वे कार्यक्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त कर्मचारियों को संदेश देते हुए कहा कि प्रतिभा को अवसर और परिश्रम को सम्मान मिलना ही नए उत्तर प्रदेश की असली पहचान है।



