रांची, 10 अगस्त। झारखंड की राजधानी रांची में सोमवार को छात्र आंदोलन ने एक नया मोड़ ले लिया, जब हजारों प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर विधानसभा परिसर के भीतर तक पहुंच गए। झारखंड गठन के 26 साल के इतिहास में यह पहला मौका है जब छात्रों ने विधानसभा परिसर में इस स्तर पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और दो बार लाठीचार्ज का सहारा लिया।
24 जिलों से जुटे छात्र
आंदोलनकारियों के मुताबिक राज्य के 24 जिलों से करीब 10 हजार से अधिक छात्र रांची पहुंचे, जिनमें से 5 हजार से ज्यादा विधानसभा के पास डटे रहे। विधायक जयराम महतो ने बताया कि करीब 20 हजार छात्र घेराव के लिए पहुंचे थे और सरकार छात्रों की कई मांगें मान रही है, लेकिन सीजीएल परीक्षा और जेएसएससी से जुड़े मुद्दों के साथ सीबीआई जांच पर सहमति नहीं बन पा रही। यह आंदोलन जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू हुआ था, जो सोमवार को 16वें दिन में पहुंच चुका है। प्रदर्शनकारी आधे दर्जन से ज्यादा बैरियर पार करते हुए विधानसभा तक पहुंचे।
बैरिकेडिंग तोड़ते आगे बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, लेकिन तेज बौछार के बीच भी कई छात्र वहीं डटे रहे और गमछा लेकर डांस करने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों से मजाकिया अंदाज में और तेज बौछार करने को कहा। प्रदर्शन के दौरान स्पाइडरमैन और फिल्म पुष्पा के किरदार जैसी पोशाक पहने लोग भी धरना स्थल पहुंचे।
लाठीचार्ज में कई घायल
घायल छात्र ब्रजकिशोर ने बताया कि वे बैरिकेडिंग से करीब 150 से 200 मीटर पीछे खड़े थे, तभी अचानक लाठीचार्ज शुरू हुआ और भागने के दौरान गिरने से उनके पैर में चोट आई। एक अन्य घायल छात्र विक्रम कुमार के सिर पर चोट लगी है। कई प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लाठी सिर्फ कमर के नीचे इस्तेमाल की जानी चाहिए, लेकिन पुलिस ने छात्रों के सिर, हाथ और चेहरे पर वार किए।
शाम को हुए दूसरे लाठीचार्ज के दौरान “वी वांट जस्टिस” के नारे लगा रही एक छात्रा बेहोश हो गई। इस कार्रवाई में एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की सूचना मिली। मौके पर कवरेज कर रहे कुछ मीडियाकर्मियों पर भी पुलिस की लाठी चलने की बात सामने आई। लाठीचार्ज के बाद आक्रोशित छात्रों ने पुलिस की ओर बोतलें भी फेंकीं, वहीं कुछ पलों में पुलिस के लाठी उठाते ही छात्रों ने राष्ट्रगान गाना शुरू कर दिया।
सीएम के दावे पर सवाल
रविवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था कि हर समस्या का हल संवाद और संवैधानिक तरीके से निकलता है, न कि लाठी-डंडे से। लेकिन अगले ही दिन हुए लाठीचार्ज ने उनके इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। प्रदर्शन में शामिल एक छात्रा ने आरोप लगाया कि सोरेन ने बल प्रयोग न करने का वादा किया था, लेकिन यहां छात्रों की पिटाई की गई। दूसरी ओर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने दावा किया कि उनकी सरकार में कोई बल प्रयोग नहीं किया गया।
छात्र आंदोलन के समानांतर भाजपा ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम रखा, जिसके तहत नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी समेत प्रदेश अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर खेलगांव स्टेडियम पहुंचाया गया। हिरासत के दौरान भाजपा मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रसाद को चोट लगी। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भाजपा के प्रदर्शन को गैर-लोकतांत्रिक करार दिया।
पीयूष मिश्रा पहुंचे समर्थन में
आंदोलन के बीच जेपीएससी पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया गया। बताया जा रहा है कि सीआईडी की पूछताछ में उन्होंने दो करोड़ रुपये लिए जाने की बात स्वीकार की है, हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। गिरफ्तारी से पहले जांच एजेंसी ने उनके आवास समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके अलावा जेपीएससी के तीन अन्य सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, जमाल अहमद और अनिमा हांसदा ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
आंदोलन के दौरान अभिनेता और गायक पीयूष मिश्रा भी धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के बीच बैठकर समर्थन जताया। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रदर्शनकारी छात्रों के इंटरव्यू देखने और उनकी आंखों में दर्द देखने के बाद उनसे रहा नहीं गया, जिसके चलते दो दिन का समय खाली मिलते ही वे सीधे रांची पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म गुलाल का गीत भी गाया। मिश्रा ने अभिनेता नसीरुद्दीन शाह पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा, “सीजेपी प्रोटेस्ट पर आपने कहा था कि जिन कुत्तों के मुंह में हड्डी है वो बोल नहीं पाते, माफ करिएगा आपके प्रति पूरा सम्मान देते हुए पूछना चाहता हूं कि इस वक्त वो कौन कुत्ते हैं जिनके मुंह में हड्डी है और वो बोल नहीं पा रहे।”
अब सीएम से होगी बात
लाठीचार्ज के बाद आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने ऐलान किया कि अब किसी मंत्री से नहीं बल्कि सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठी बरसाई है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को गलत बताया और झारखंड सरकार से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
विधानसभा सत्र में मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने आरोप लगाया कि भाजपा ने छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन को हाईजैक कर लिया है और पार्टी के उद्दंड तत्व टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं। रविवार की बातचीत में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा शामिल थे, जिसके बाद सरकार ने छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें मानने का दावा किया था। हालांकि प्रदर्शनकारी इन आश्वासनों को पर्याप्त नहीं मानते हुए आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं।


