गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास के दूसरे दिन रविवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल की पुरानी और गतिमान परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं।
बैठक में केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान, सांसद रवि किशन, सांसद विजय दुबे, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यमंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह, PWD के प्रमुख सचिव अजय चौहान और गोरखपुर व आजमगढ़ मंडल के सभी विधायक उपस्थित रहे।
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युद्धस्तर पर सड़क निर्माण, बरसात से पहले काम पूरा हो
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि युद्धस्तर पर अभियान चलाकर सड़क निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। मानसून से पहले की परियोजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें समय से पूरा कराया जाए। हर काम गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूरा होना चाहिए। PWD के प्रमुख सचिव ने पिछले वर्ष के कार्यों का लेखा-जोखा भी बैठक में प्रस्तुत किया।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि बैठक में गोरखपुर और आजमगढ़ मंडल में कौन-कौन सी सड़कें बननी चाहिए और किसकी प्राथमिकता क्या होगी — यह तय किया गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनने वाली सड़कों के बारे में मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लिया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो ठेकेदार 20% से अधिक बिलो टेंडर डालकर काम को बाधित करते हैं उन्हें चिह्नित कर ब्लैकलिस्ट किया जाए। टेंडर प्रक्रिया की गलत शिकायत करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। बलिया-बांसडीह मार्ग की प्रगति पर मुख्यमंत्री ने चीफ इंजीनियर से रिपोर्ट मांगी।
जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर प्राथमिकता तय कर सड़कों का काम तत्काल शुरू कराया जाए। जून के अंत तक सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर ली जाएं और जुलाई से कार्य प्रारंभ हो सके। सभी जरूरी संसाधनों की व्यवस्था के बाद ही काम शुरू किया जाए ताकि बीच में न रुके।
वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ताकि समय से धनराशि स्वीकृत हो सके। संबंधित कमिश्नर और जिलाधिकारी अपने-अपने स्तर पर नियमित बैठकें कर निर्माण कार्यों की समीक्षा करें।
बैठक के बाद विधायक राजेश त्रिपाठी (चिल्लूपार) ने बताया कि उनकी ओर से 139 सड़कों का प्रस्ताव दिया गया है। विधायक ऋषि त्रिपाठी (नौतनवा) ने बताया कि उन्होंने ₹150 करोड़ की लागत से 3 प्रमुख सड़कें और करीब 35 छोटी सड़कों और पुलों का प्रस्ताव दिया है। विधायक प्रदीप शुक्ला (सहजनवा) ने कहा कि पूरे विधानसभा के 100 प्रतिशत रोड का प्रस्ताव मांगा गया है।
सांसद रवि किशन ने बैठक के बाद कहा कि आज जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता दी गई। बड़ी सड़कों के प्रस्ताव दिए गए हैं। इस तरह की बैठकें विकास की दृष्टि से बेहद सकारात्मक होती हैं।
मोहन सेतु की प्रगति की ली जानकारी
मुख्यमंत्री ने देवरिया में निर्माणाधीन मोहन सेतु के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों को कार्यस्थल का निरीक्षण करने और सेतु निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कार्यों की प्रभावी निगरानी पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मौके का मुआयना करें और ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित करें। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें।
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सेतु निर्माण में कोई खिलवाड़ नहीं
मुख्यमंत्री ने सेतु निर्माण में सुरक्षा मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। सभी श्रमिकों के लिए सुरक्षा किट का पूरा इंतजाम सुनिश्चित किया जाए। ऑनलाइन मॉनिटरिंग के जरिए कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारी सिर्फ कागजी समीक्षा तक न रहें बल्कि मौके पर जाकर निरीक्षण करें। सभी विभाग आपस में बेहतर समन्वय के साथ काम करें ताकि परियोजनाएं बीच में न रुकें।



