📌 अमित मणि त्रिपाठी
देवरिया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एचके मिश्र ने रविवार सुबह 8:30 बजे महर्षि देवराहा बाबा स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय की स्वास्थ्य सेवाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, विभिन्न वार्ड, एमसीएच विंग, दवा वितरण काउंटर और मरीज पंजीकरण काउंटर सहित सभी प्रमुख विभागों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्र ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधे संवाद कर दवा, उपचार और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली।
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इमरजेंसी से ओपीडी तक हर विभाग की जांच
औचक निरीक्षण में डॉ. मिश्र ने अस्पताल के प्रत्येक विभाग में व्यवस्थाओं का बारीकी से मुआयना किया। इमरजेंसी वार्ड में मरीजों को मिल रही सेवाओं की स्थिति देखी गई। ओपीडी में चिकित्सकों की उपस्थिति और मरीजों की संख्या का जायजा लिया गया। दवा वितरण काउंटर पर जांचा गया कि मरीजों को समय पर और सही दवाएं मिल रही हैं या नहीं। मरीज पंजीकरण काउंटर की कार्यप्रणाली भी देखी गई।
निरीक्षण के दौरान डॉ. मिश्र ने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय से ड्यूटी पर उपस्थित रहें। पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। किसी भी मरीज को उपचार में असुविधा न हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
ड्रेस कोड अनिवार्य, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डॉ. मिश्र ने सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्धारित ड्रेस कोड का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को समय पर उपचार और सभी अनुमन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीज पहले से ही परेशानी में होते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार और सेवाओं की गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। चिकित्सकों की अनुपस्थिति पर भी विशेष नजर रखी जाएगी।
मरीजों से संवेदनशील व्यवहार करें — CMS
डॉ. मिश्र ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ शालीन और संवेदनशील व्यवहार किया जाए। उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी मरीज को उपचार संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज न केवल देवरिया बल्कि आसपास के जिलों और सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां आने वाले हर मरीज को बेहतर सेवाएं मिलनी चाहिए। औचक निरीक्षण का उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि अस्पताल में सेवाओं का स्तर हमेशा उच्च बना रहे।


