नई दिल्ली। NEET पेपर लीक को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल हुआ। उच्च शिक्षा सचिव IAS विनीत जोशी को पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया गया। उनकी जगह नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव और टीके अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया है। विनीत जोशी वही अधिकारी हैं जो NTA के पहले महानिदेशक, CBSE के अध्यक्ष और UGC के कार्यवाहक अध्यक्ष रह चुके हैं।
NTA के पहले DG थे जोशी
1992 बैच के मणिपुर कैडर के IAS अधिकारी विनीत जोशी ने IIT कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग और IIFT से MBA किया है। 2017 में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की स्थापना के बाद 2018 में उन्हें NTA का पहला महानिदेशक नियुक्त किया गया और 2021 तक वे इस पद पर रहे। इस दौरान JEE, CUET, UGC, NEET समेत कई परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगे और NTA लगातार सवालों के घेरे में रहा।
NEET पेपर लीक और CBSE की 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में मूल्यांकन गड़बड़ियों की वजह से शिक्षा मंत्रालय पिछले दो महीने से विवादों का केंद्र रहा है। विनीत जोशी की इन विवादों में सीधी भूमिका को देखते हुए उनका तबादला अहम माना जा रहा है।
तीन बड़े पदों पर रहा दबदबा
विनीत जोशी का शिक्षा तंत्र पर दबदबा तीन स्तरों पर था। NTA के पहले महानिदेशक के रूप में उन्होंने देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी की नींव रखी। इसके बाद CBSE के अध्यक्ष के रूप में स्कूली परीक्षाओं की जिम्मेदारी संभाली। हाल ही में वे UGC के कार्यवाहक अध्यक्ष भी थे।
30 जून को संजय कुमार के रिटायर होने के बाद विनीत जोशी एक साथ उच्च शिक्षा सचिव और स्कूली शिक्षा सचिव दोनों पद संभाल रहे थे। यह दोहरी जिम्मेदारी उन्हें शिक्षा मंत्रालय का सबसे ताकतवर नौकरशाह बनाती थी। अब उन्हें कम प्रोफाइल वाले पंचायती राज मंत्रालय में भेजा गया है।
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मणिपुर से शास्त्री भवन तक का सफर
विनीत जोशी का प्रशासनिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। 2023 में जब मणिपुर में जातीय हिंसा भड़की तो उन्हें मणिपुर का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। इसके बाद जनवरी 2025 में उन्होंने शास्त्री भवन में उच्च शिक्षा सचिव का पदभार संभाला।
नरेश पाल गंगवार प्रशासनिक जगत में एक जाना-पहचाना नाम हैं। राजस्थान कैडर के 1994 बैच के इस IAS अधिकारी ने IIT रुड़की से Electronics & Communication Engineering और IIT दिल्ली से Communication Engineering में स्नातकोत्तर किया है। 2014 से 2018 के बीच उन्होंने राजस्थान सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग में सचिव और प्रमुख सचिव के रूप में काम किया। केंद्र सरकार में आने के बाद पर्यावरण मंत्रालय में संयुक्त सचिव और पशुपालन मंत्रालय में सचिव रहे। तीन दशकों के व्यापक अनुभव के साथ वे अब उच्च शिक्षा विभाग की कमान संभालेंगे।
स्कूली शिक्षा सचिव बनाए गए टीके अनिल कुमार 1995 बैच के कर्नाटक कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। उन्होंने Mechanical Engineering में BTech किया है। अपने करियर में उन्होंने ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शहरी प्रशासन, पर्यटन और जिला प्रशासन जैसे विविध क्षेत्रों में काम किया है। अगस्त 2024 से वे ग्रामीण विकास मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात थे। संजय कुमार के रिटायर होने से खाली हुई स्कूली शिक्षा सचिव की जगह अब टीके अनिल कुमार संभालेंगे। दोनों नए अधिकारियों के सामने शिक्षा मंत्रालय की साख बहाल करने की बड़ी चुनौती है।
सोनम वांगचुक के अनशन से जुड़ा तबादला
विनीत जोशी को शिक्षा सचिव पद से हटाने को सोनम वांगचुक के अनशन से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वांगचुक ने गुरुवार देर रात 26 दिन के अनशन के बाद तीन लिखित शर्तों पर अनशन तोड़ा — जिनमें पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और अगले सप्ताह तक कड़े कानून बनाने का आश्वासन शामिल था।
सूत्रों के अनुसार विनीत जोशी का तबादला, फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन और कठोर कानून का लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही वांगचुक ने अनशन खत्म किया। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने इस बार एक साथ 13 विभागों के प्रमुखों की नियुक्ति की है जो सरकार की ओर से व्यापक प्रशासनिक फेरबदल का संकेत है।


