नई दिल्ली, 3 अगस्त। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी कर दिया। WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी इसी मामले में बरी किया गया। अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को पर्याप्त नहीं मानते हुए दोनों को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। यह मामला जनवरी 2023 से चल रहा था और 1133 दिनों में 127 बार सुनवाई हुई। 2 जुलाई 2026 को बहस समाप्त होने के बाद ऑर्डर रिजर्व रखा गया था।
2023 में हुआ था आंदोलन
यह मामला जनवरी 2023 में तब सामने आया जब देश के शीर्ष पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर WFI अध्यक्ष के पद पर रहते हुए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया और संगीता फोगाट जैसे ओलंपिक पदक विजेता इस आंदोलन का हिस्सा बने। इन खिलाड़ियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर महीनों तक धरना दिया और बृजभूषण की गिरफ्तारी व WFI से उनके हटाने की मांग की।
जब नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों को हिरासत में लिया तो इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने भी प्रदर्शनकारी खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार की निंदा की और निष्पक्ष जांच की मांग की। 2026 में विनेश फोगाट ने सार्वजनिक रूप से खुलासा किया कि वे 6 शिकायतकर्ताओं में से एक थीं।
“होइहि सोइ जो राम रचि राखा”
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह अदालत से बाहर आए और “होइहि सोइ जो राम रचि राखा” कहते हुए मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि 18 जनवरी 2023 को उन्होंने कहा था कि अगर कोई आरोप सही पाया गया तो स्वतः फांसी पर लटक जाएंगे और आज लगभग 3 साल बाद कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया। उन्होंने अपनी निर्दोषता दोहराते हुए कहा कि उन्होंने कभी खुद को अपराधी महसूस नहीं किया और हमेशा न्याय पर भरोसा था।
उन्होंने कहा कि वे 15-16 साल की उम्र से संघर्ष देखते आए हैं और हमेशा कमजोरों के पक्ष में खड़े रहे। जब मीडिया ने आरोप लगाने वाली पहलवानों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि “जो हुआ सो हुआ।” उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर उनके खिलाफ फांसी की मांग हो रही थी और जिंदा जला देने की बात की जा रही थी लेकिन आज कोर्ट ने सच सामने रखा। फैसले के बाद उनके समर्थकों ने खुशी मनाई।
पहलवानों की अपील की योजना
सूत्रों के अनुसार महिला पहलवानों ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बनाई है। विनेश फोगाट ने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि शक्तिशाली नेता के खिलाफ शिकायत करने में बहुत हिम्मत लगी। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही पूरा सिस्टम बृजभूषण की रक्षा में लगा था। फैसले के बाद POCSO से जुड़े नाबालिग पहलवान के मामले में दिल्ली कोर्ट पहले ही दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर कार्यवाही समाप्त कर चुकी थी।



