नई दिल्ली, 3 अगस्त। बृजभूषण शरण सिंह को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी करने के बाद भाजपा और विपक्षी दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आईं। जहां भाजपा नेताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया वहीं कांग्रेस और JMM के नेताओं ने महिला खिलाड़ियों और न्यायिक व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। 2023 में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने बृजभूषण के खिलाफ जंतर-मंतर पर महीनों धरना दिया था जिसके आधार पर यह मुकदमा दर्ज हुआ था।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण और महिला आरक्षण की बात करने वाली सरकार को ऐसे मामलों में यह सोचना चाहिए कि समाज में क्या संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का फर्क साफ दिखाई देता है। उनके अनुसार जो युवा पीढ़ी इन मामलों को देखती है उसके मन पर इसका गहरा असर पड़ता है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह सही माहौल बनाए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि अदालत के फैसले पर सीधी टिप्पणी करना उचित नहीं होगा और न्यायिक व्यवस्था को अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर अपील नहीं होती तो कानूनी तौर पर बृजभूषण को निर्दोष माना जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय सिर्फ होना काफी नहीं है बल्कि दिखना भी जरूरी है। उनके मुताबिक पहलवानों जैसे साहसी खिलाड़ियों ने जो कदम उठाया उसके लिए उन्हें सम्मान मिलना चाहिए।
JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि वे न्यायपालिका का पूरा सम्मान करती हैं लेकिन उन महिला पहलवानों के बारे में सोचना जरूरी है जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम ऊंचा किया और लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन और भूख हड़ताल तक की। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया और साक्ष्य संकलन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। उनके अनुसार इस फैसले से युवा महिला खिलाड़ियों के मन में जो संदेश जाएगा वह चिंताजनक हो सकता है क्योंकि खेल जगत में उत्पीड़न के मामले सामने लाना पहले से ही आसान नहीं होता।
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BJP ने बताया न्याय की जीत
बृजभूषण सिंह के पुत्र और भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने कहा कि यह फैसला उनके परिवार और कैसरगंज के लिए खुशी का पल है। उन्होंने कहा कि जब पिता पर आरोप लगे थे तब अलग-अलग राजनीतिक दलों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी और अब उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल परिवार की नहीं बल्कि न्याय की जीत है और इसे सनातनियों, हिंदुओं और पहलवानों की जीत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आरोप लगाने वाले अब अपने रुख पर जवाब दें।
भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह ने हमेशा महिलाओं के सम्मान की बात की है और अदालत का फैसला इसी बात की पुष्टि करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय न्यायपालिका पर भरोसा रखना चाहिए और इस निष्पक्ष फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।
WFI अध्यक्ष का बयान
रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया अध्यक्ष संजय सिंह बबलू ने कहा कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह राजनीति से प्रेरित थे। उनके अनुसार इस मामले के पीछे कुश्ती महासंघ पर नियंत्रण करने की मंशा थी। उन्होंने कहा कि बृजभूषण ने शुरू से ही अपनी बेगुनाही का दावा किया था और अदालत ने वही सत्य सामने रखा। उनके मुताबिक भारतीय कुश्ती को अब नई दिशा मिलेगी और खिलाड़ी बिना किसी राजनीतिक दबाव के बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।



