कैसरगंज (बहराइच), 10 अगस्त। पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं, इस बार वजह है भारतीय कुश्ती संघ के चुनावी नतीजों से जुड़ा उनका ताजा बयान। भाजपा नेता ने खुले तौर पर कहा कि जब उन्होंने संघ चुनाव में दीपेंद्र हुड्डा को शिकस्त दी, तो उसके बाद उनके खिलाफ योजनाबद्ध तरीके से एक साजिश खड़ी की गई। पूर्व सांसद ने इस दावे के समर्थन में कई तर्क भी पेश किए।
साजिश का लगाया आरोप
अपने विश्नोहरपुर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में बृजभूषण सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के परिवार के दबाव में कुछ महिला पहलवान उनके खिलाफ बयान देने को राजी हुई थीं। उन्होंने बताया कि हरियाणा में कई कुश्ती अकादमियां संचालित हैं, लेकिन महादेव रेसलिंग एकेडमी एक विशेष परिवार से जुड़ी हुई है। पूर्व सांसद के अनुसार अदालत ने जो एक परिवार, एक अखाड़ा वाला निष्कर्ष दिया, वह उनका दावा नहीं बल्कि मामले से जुड़ी दो पीड़ित लड़कियों के बयानों पर आधारित है। अदालत के इस रुख को उन्होंने अपनी बात के पक्ष में एक बड़ी जीत के तौर पर बताया।
बयानों में बताया विरोधाभास
बृजभूषण सिंह ने दावा किया कि निगरानी समिति, शपथ पत्र और अदालत में दर्ज कराए गए पहलवानों के बयानों में काफी भिन्नता है। उनके मुताबिक हिसार और रोहतक के पहलवानों ने पहलवान बजरंग पूनिया का पता संबंधित अधिकारियों को बताया था। उन्होंने साफ किया कि जिन घटनाओं के आरोप उन पर लगे, उस समय वे वहां मौजूद नहीं थे। पूर्व सांसद ने दावा किया कि इस पूरी साजिश में 42 लोग शामिल थे और कुछ उद्योगपतियों ने भी इसमें आर्थिक मदद दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी स्वतंत्र पुष्टि के मीडिया में उन्हें आरोपी के तौर पर पेश किया गया।
जूनियर हित में बदलाव
बृजभूषण सिंह ने बताया कि जूनियर पहलवानों के हित को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और चयन ट्रायल से जुड़े नियमों में बदलाव किए गए थे। उनके अनुसार कुछ चर्चित पहलवान तय प्रक्रिया से गुजरे बिना सीधे बड़े मुकाबलों में शामिल होना चाहते थे, जिसके चलते इस बदलाव का विरोध शुरू हुआ और धीरे-धीरे यह राजनीतिक रंग ले गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में यह आंदोलन कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के हाथों की कठपुतली बन गया, जिससे खेल व्यवस्था के साथ-साथ महिला खिलाड़ियों को भी नुकसान उठाना पड़ा।
यूपी चुनाव पर राय
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्वतंत्र राजनीतिक ताकत नहीं है। उनके मुताबिक कांग्रेस अगर समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन करती है, तभी वह चुनावी मैदान में कोई प्रभावी उपस्थिति दर्ज करा सकती है।


