गाज़ीपुर। महुआबाग के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी जनपद भ्रमण के तहत गाज़ीपुर पहुंचीं और छात्राओं के बीच खुला संवाद किया। सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलन के बाद उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। महिला सुरक्षा, अधिकार और सरकारी योजनाओं पर छात्राओं ने कई सवाल रखे जिनका चारु चौधरी ने विस्तार से जवाब दिया।
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शिक्षा से बदलेगी तस्वीर
उपाध्यक्ष ने छात्राओं के सामने एक सरल लेकिन गहरी बात रखी — एक पढ़ी-लिखी लड़की केवल अपना भविष्य नहीं बनाती, वह आसपास की किसी कमजोर महिला को भी रास्ता दिखाने में सक्षम होती है। उन्होंने कहा कि अधिकार और कर्तव्य दोनों साथ चलते हैं।
सरकार की 80 फीसद योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार की गई हैं लेकिन इनका लाभ हर महिला तक पहुंचे यह सुनिश्चित करना महिला आयोग की जिम्मेदारी है। पहले यह काम जिला कार्यालयों से होता था लेकिन अब आयोग की टीम खुद गांवों में जाकर चौपाल लगाती है और महिलाओं की बात सुनती है।
छात्राओं को उन्होंने बताया कि मुश्किल वक्त में महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा हर जनपद में मौजूद वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं को कानूनी मदद, इलाज, मनोवैज्ञानिक सहायता और अस्थायी आश्रय बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है। अभिभावकों से भी अपील की गई कि वे अपनी बेटियों को डिजिटल सुरक्षा और कानूनी अधिकारों की जानकारी दें।
घरेलू हिंसा है चुनौती
चारु चौधरी ने माना कि प्रदेश में बाहरी अपराधों में कमी जरूर आई है लेकिन घर के भीतर होने वाली हिंसा अभी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। उनके मुताबिक आज की पीढ़ी में धैर्य की कमी और कुछ लोगों में विकृत सोच इन मामलों की मुख्य वजह है। रिश्तों में अहंकार हावी होने लगता है जो धीरे-धीरे हिंसा का रूप ले लेता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा के मामलों में आयोग केवल पीड़ित को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं रहता — यदि हालात अनुकूल हों तो परिवार को जोड़े रखने का भी प्रयास किया जाता है। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी, साइबर अपराध और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ कानून सख्ती से लागू किए जा रहे हैं।
उन्होंने “तेरे मेरे सपने” कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि इसके तहत शादी से पहले युवा जोड़ों की काउंसलिंग कराई जाएगी। वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं को पहले से समझने और उनसे निपटने की तैयारी करना इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य है। यह पहल कई जिलों में शुरू हो चुकी है और जल्द ही पूरे प्रदेश में लागू होगी।
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अस्पताल और केंद्रों का निरीक्षण
संवाद के बाद चारु चौधरी ने महिला चिकित्सालय का दौरा किया। उन्होंने महिला वार्ड का हाल देखा, दवाओं की उपलब्धता जांची और भर्ती मरीजों से उनका हालचाल लिया। खानपान की व्यवस्था पर भी जानकारी ली और जिम्मेदार अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
वन स्टॉप सेंटर में पहुंचकर उन्होंने वहां मौजूद सुविधाओं का मुआयना किया और पीड़ित महिलाओं से मिलकर उनकी परेशानियां जानीं। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों का भी दौरा किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, प्रधानाचार्या, शिक्षकों और छात्राओं की उपस्थिति रही।


