गाज़ीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुहम्मदाबाद की जनसभा में समाजवादी पार्टी और माफिया तंत्र पर तीखे प्रहार किए। अंसारी परिवार के राजनीतिक प्रभाव वाले इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए सांसद अफ़ज़ाल अंसारी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां का सांसद अवैध शस्त्र लाइसेंस बनवाने में व्यस्त हो और जिसके पास विकास कार्यों के लिए फुर्सत ही न हो वहां तो भगवान ही मालिक है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि डबल इंजन सरकार के साथ मिलकर नए गाज़ीपुर का निर्माण करें।
दिवंगत विधायक को किया याद
मुख्यमंत्री ने मुहम्मदाबाद की इस शहीदी धरती से भाजपा विधायक दिवंगत कृष्णानंद राय का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कृष्णानंद राय ने माफियाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी लेकिन तत्कालीन सत्ता के संरक्षण में माफियाओं ने 29 नवंबर 2005 को उनसहित सात निर्दोष लोगों की AK-47 से निर्मम हत्या कर दी। सारे प्रमाण होने के बावजूद माफियाओं को सरकारी संरक्षण मिलता रहा। उन्होंने कहा कि 2002 में कृष्णानंद राय ने अफ़ज़ाल अंसारी को 8 हजार वोटों से हराकर यह सीट जीती थी — यही उनकी हत्या की वजह बनी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक इंच भी काम नहीं हुआ था लेकिन तत्कालीन सपा सरकार के लोगों ने ₹3000 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया था। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार आई तो टेंडर रद्द कर नए सिरे से जमीन अधिग्रहण किया और तब जाकर यह एक्सप्रेसवे जनता को मिला।
यह भी पढ़ें: गाज़ीपुर में ₹692 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास
माफिया मिट्टी में मिले
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पहले दिन से तय किया था कि माफिया और माफिया के संरक्षकों के प्रति जीरो टॉलरेंस रहेगी। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले गाज़ीपुर की पहचान पर माफियाओं का काला साया पड़ गया था। बाहर के लोग गाज़ीपुर के लोगों से परहेज रखने लगे थे और यहां आने से डरने लगे थे। उन्होंने कहा कि माफिया किसी के नहीं होते — ये समाज का खून चूसते हैं, व्यापारी में भय और बेटी की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लोग माफिया की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं। उन्होंने मऊ के 2005 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि AK-47 लहराते हुए दुर्दांत माफियाओं के सामने नाक रगड़ना और उनके जाने के बाद कब्र पर फातिहा पढ़ना — यही इनका चरित्र है। आज माफिया मिट्टी में मिल गए हैं। अब कोई गरीब का बेटा रामलीला का आयोजन कर रहा होगा तो कोई असलहा लहराकर दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर पाएगा।
सपा पर चौतरफा हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में नौकरी निकलती थी तो चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली करने निकल पड़ती थी। कोई पर्व और त्यौहार आते ही उपद्रव शुरू हो जाते थे। प्रदेश की पहचान दंगे, कर्फ्यू और अराजकता बन गई थी। आज यूपी में नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा है। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी कहा कि सपा के 5 साल में 1000 दंगे हुए और 1200 लोग मारे गए लेकिन योगी सरकार के 9 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री ने सपा पर महापुरुषों के अपमान का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम बदला, लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर बने कॉलेज का नाम बदला और संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम बदलकर भदोही कर दिया। उन्होंने घोषणा की कि भदोही को फिर से संत रविदास नगर के नाम से जाना जाएगा।


