गाज़ीपुर। होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड में घटना के 18 दिन बाद कोतवाली पुलिस को पहली सफलता मिली है। मंगलवार को थाना कोतवाली पुलिस ने इस मामले के दो अज्ञात अभियुक्तों — शिवम दुबे और रहमान अली उर्फ गोल्डेन — को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
क्या था पूरा मामला
यह मामला गाज़ीपुर के गौसाबाद स्थित बिंदु होटल के बाहर का है। 29 मई की रात बदमाशों ने होटल व्यवसायी व होटल एसोसिएशन अध्यक्ष आलोक राय के पुत्र विनीत राय की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद डीएम अनुपम शुक्ला और एसपी सिटी राकेश कुमार समेत प्रशासनिक अमला अंतिम संस्कार में पहुंचा था।
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मृतक के पिता आलोक राय ने बताया था कि वर्ष 2024 से उनके बेटे से ₹1 करोड़ की रंगदारी मांगी जा रही थी। उन्होंने कटरा गैंग के सरगना शंकर पांडे पर हत्या करवाने का सीधा आरोप लगाया। परिजनों की तहरीर पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 365/2026 BNS की धारा 103(1) (हत्या), 191(2) (डकैती) और 3(5) (सामूहिक आशय) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें चार नामजद — शंकर पांडे, आलोक दुबे, कमलेश बिंद और सोनू यादव — तथा कुछ अज्ञात आरोपी शामिल थे। वाराणसी परिक्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्णा ने नामजद आरोपियों पर इनाम घोषित किया था। एसपी ईरज राजा ने गिरफ्तारी के लिए बिहार सहित आसपास के जनपदों में चार पुलिस टीमें गठित की थीं।
तकनीकी साक्ष्य से हुई गिरफ्तारी
मंगलवार को चौकिया मोड़ ओवरब्रिज के पास चेकिंग के दौरान शिवम दुबे और रहमान अली उर्फ गोल्डेन पकड़े गए। शिवम दुबे (25 वर्ष) पुत्र शैलेश कुमार दुबे, ग्राम रूहीपुर, थाना कोतवाली के निवासी हैं। रहमान अली उर्फ गोल्डेन (25 वर्ष) पुत्र स्व. रहमतुल्लाह, ग्राम सोहिलापुर बबेडी, थाना कोतवाली के निवासी हैं। आगे की वैधानिक कार्रवाई थाना कोतवाली द्वारा की जा रही है।
एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि विनीत राय हत्याकांड में परिजनों की तहरीर पर कुछ नामजद और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज था। नामजद आरोपी कमलेश पहले ही पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका था। कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों में से शिवम दुबे और रहमान अली उर्फ गोल्डेन को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा है। दोनों अपने साथियों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे और हत्याकांड में शामिल थे। तकनीकी व अन्य साक्ष्यों के आधार पर इनकी संलिप्तता निर्धारित की गई है।
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तीन इनामी अब भी फरार
नामजद आरोपी कमलेश बिंद की 4 जून की रात पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई थी। वह ₹1 लाख का इनामी था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में सात आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
अब भी तीन बड़े आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। कटरा गैंग का सरगना शंकर पांडे, आलोक दुबे और सोनू यादव — तीनों पर ₹1-1 लाख का इनाम घोषित है। पुलिस इनकी तलाश में बिहार सहित आसपास के जनपदों में लगातार दबिश दे रही है। अपर पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबाव और बढ़ाया गया है।


