नई दिल्ली। 21 जून को होने वाली NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने मैसेजिंग ऐप Telegram की सेवाएं 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने यह आदेश जारी किया। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और फर्जी पेपर लीक के दावों पर अंकुश लगेगा।
3 मई को करीब 23 लाख पंजीकृत छात्रों ने देश के 551 शहरों में NEET UG 2026 में भाग लिया था। परीक्षा के कुछ दिन बाद पेपर लीक की आशंकाएं सामने आईं और केंद्र सरकार ने CBI जांच के आदेश दिए। परीक्षा रद्द कर 21 जून को पुनर्परीक्षा की घोषणा की गई। तब से लाखों छात्रों का भरोसा बहाल करने के लिए एक के बाद एक बड़े फैसले लिए गए हैं।
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टेलीग्राम पर रोक
MeitY का यह आदेश 21 जून की परीक्षा और उसके ठीक बाद के संवेदनशील दौर को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। NTA ने अपने आधिकारिक बयान में खुलासा किया कि “PAPER LEAKED NEET”, “Re-NEET 2026”, “Private Mafia” और “REE NEET MAFIAA” जैसे नाम वाले Telegram चैनल खुलेआम सक्रिय थे। ये चैनल परीक्षार्थियों और उनके परिजनों से प्रश्नपत्र पहले देने के वादे के बदले हजारों से लाखों रुपये वसूल रहे थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की सुरक्षित श्रृंखला के बाहर कोई प्रश्नपत्र उपलब्ध नहीं है और ऐसे सभी दावे पूरी तरह धोखाधड़ी हैं।
परीक्षा से पहले गृह मंत्रालय की संस्था I4C ने Telegram के सैकड़ों ऐसे चैनलों, ग्रुपों और बॉट्स पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बंद करवाया। अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने आठ Telegram चैनलों के जरिए काम करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया। इस गिरोह ने एक महीने में करीब एक हजार मोबाइल नंबरों से संपर्क किया और लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन किया। बिहार पुलिस के आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने 9 जून को एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी कर छात्रों को ऐसे फर्जी दावों से आगाह किया था। NTA के समानांतर CBI भी इस मामले में स्वतंत्र जांच कर रही है।
Telegram पर इस तरह के गिरोहों का पनपना कुछ तकनीकी कारणों से भी आसान रहा है। इस ऐप पर हजारों सदस्यों वाले चैनल और ग्रुप आसानी से बनाए जा सकते हैं। बॉट्स की सुविधा से बड़े पैमाने पर स्वचालित संदेश एक साथ भेजे जा सकते हैं। वर्चुअल मोबाइल नंबरों से नकली अकाउंट बनाना भी सरल है। यही वजह है कि परीक्षाओं के दौरान Telegram पर अस्थायी रोक कोई नई बात नहीं — केन्या ने 2023 और 2024 में राष्ट्रीय परीक्षाओं के दौरान ऐसा किया था।
Edit फीचर पर 30 जून तक रोक
MeitY ने Telegram को एक दूसरा निर्देश भी दिया है। भारत में पहले से भेजे जा चुके संदेशों को 30 जून 2026 तक Edit करने की सुविधा नहीं मिलेगी।
इस फीचर के दुरुपयोग का तरीका इस प्रकार था — परीक्षा से पहले किसी Telegram चैनल पर एक सामान्य संदेश डाला जाता था। जैसे ही परीक्षा समाप्त होती, चैनल संचालक उस पुराने संदेश में असली प्रश्नपत्र की PDF जोड़ देता था। Telegram पर इस बदलाव के बाद भी मूल संदेश की तारीख और समय ज्यों-के-त्यों दिखते रहते हैं। उस संदेश का स्क्रीनशॉट “सबूत” बताकर फैलाया जाता था कि पेपर परीक्षा से पहले ही बाहर आ गया था।
NTA ने इस “बाद में सबूत गढ़ने” की तकनीक को परीक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। एजेंसी के अनुसार 22 जून के बाद Telegram की मुख्य सेवाएं बहाल होंगी, लेकिन Edit फीचर पर रोक 30 जून तक जारी रहेगी। यह रोक केवल पुराने संदेशों के संपादन तक सीमित है — नए संदेश भेजने और प्राप्त करने की सुविधा पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। एजेंसी ने माना कि इन दोनों कदमों से वे लाखों सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे जो पढ़ाई, व्यापार और निजी बातचीत के लिए Telegram का उपयोग करते हैं और इसके लिए खेद व्यक्त किया।
IAF से एयरलिफ्ट, पाँच परतों पर निगरानी
केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सोमवार को NEET UG 2026 पुनर्परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, डाक विभाग, CRPF, CISF, रक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ NTA के महानिदेशक भी इसमें शामिल हुए।
गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा के दिन छात्रों को यात्रा में कोई असुविधा न हो, इसके लिए रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने का भरोसा दिया।
इस बार प्रश्नपत्रों की ढुलाई में IAF विमानों की मदद ली जाएगी। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पुष्टि की थी कि प्रेस से प्रश्नपत्र सीधे सुरक्षित वितरण केंद्रों तक IAF के जरिए पहुंचाए जाएंगे, ताकि पारगमन के दौरान छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश न रहे। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के पाँच स्तर तय किए गए हैं — CRPF और CISF की दो-स्तरीय एस्कॉर्ट व्यवस्था, AI आधारित चार-परत CCTV निगरानी, प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकॉग्निशन जांच, बहु-स्तरीय तलाशी और प्रधानमंत्री कार्यालय की सीधी देखरेख। कई केंद्रीय सुरक्षा बलों की एक साथ तैनाती से स्पष्ट है कि सरकार इस परीक्षा को हर हाल में निष्पक्ष कराने के प्रति गंभीर है।
सुरक्षा जरूरी, लेकिन छात्रों पर दबाव न बढ़े
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व नेता के. अन्नामलाई ने 16 जून को सोशल मीडिया प्लैटफोर्म X पर 21 जून की पुनर्परीक्षा के लिए की गई सुरक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए लिखा — IAF एयरलिफ्ट के साथ CRPF-CISF की दो-स्तरीय एस्कॉर्ट, AI आधारित चार-परत CCTV निगरानी, प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकॉग्निशन जांच, बहु-स्तरीय तलाशी और PMO की सीधी देखरेख। इस पर उन्होंने टिप्पणी की, “हां, आपने सही पढ़ा — लेकिन ये इंतजाम शिक्षा मंत्रालय ने NEET री-टेस्ट के लिए किए हैं।”
हाल ही में भाजपा छोड़कर नई राजनीतिक पार्टी बना चुके अन्नामलाई ने कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करना हर छात्र को स्वीकार्य लगेगा। लेकिन प्रवेश से पहले बढ़ी हुई जांच, लंबी तलाशी और परीक्षा का समय 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट करना उन छात्रों पर अतिरिक्त दबाव डालेगा जो महीनों से तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे NEP 2020 के “परीक्षा तनाव कम करने” के लक्ष्य का उद्देश्य ही प्रभावित होता है।
अन्नामलाई ने एडमिट कार्ड डाउनलोड में आ रही तकनीकी दिक्कतों का भी जिक्र किया। हालांकि NTA ने इस समस्या को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने अपनी बात इस तरह समाप्त की: “ऐसी चुनौतियां हैं जिनके लिए ठोस समाधान जरूरी हैं। मुझे चिंता है कि पुनर्परीक्षा के लिए अपनाया गया यह तरीका समस्या हल नहीं करेगा — बल्कि नई समस्याओं का खतरा पैदा करता है।”
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परीक्षा के बदले नियम
NTA ने 12 जून को जारी नई गाइडलाइंस में पुनर्परीक्षा के नियमों में कुछ बदलाव किए हैं। परीक्षा की अवधि 180 मिनट से बढ़ाकर 195 मिनट कर दी गई है। छात्रों को चार अतिरिक्त रफ वर्क शीट मिलेंगी और आंसर शीट में भी रफ वर्क के लिए पहले से ज्यादा जगह होगी।
पुनर्परीक्षा 21 जून को दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक पेन-और-पेपर आधारित होगी। NTA ने सभी परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर ही भरोसा करें।
पेपर दिलाने या परीक्षा में किसी भी तरह की मदद का दावा सुनें तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। NTA की सीधी हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 और 011-69227700 हैं। ईमेल से भी संपर्क किया जा सकता है: neetug@nta.ac.in। देश की इस सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में किसी भी गड़बड़ी का सीधा असर लाखों छात्रों के भविष्य पर पड़ता है। सरकार और NTA दोनों का स्पष्ट संदेश है कि 21 जून की परीक्षा निष्पक्ष और सुरक्षित होगी।



