लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में आयोजित डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग (D-3) त्रिवेणी कार्यक्रम के समापन सत्र में माफिया, कानून-व्यवस्था और प्रदेश के विकास पर बड़ा बयान दिया। देशभर के डिजिटल क्रिएटर्स, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के इस तीन दिवसीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उत्तर प्रदेश की सुशासन, संस्कृति और समृद्धि पर केंद्रित इस कार्यक्रम में उन्होंने राज्य की वर्तमान स्थिति और पिछले नौ वर्षों की यात्रा पर विस्तार से बात की।
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“माफिया का सफाया मेरा प्रिय विषय”
मुख्यमंत्री ने कहा, “माफिया का सफाया करना ही मेरा प्रिय विषय है।” उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले नौ वर्षों में यह पहला मौका है जब वह इसे सार्वजनिक रूप से इस तरह कह रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि लखनऊ में पुलिस विभाग की एक महत्वपूर्ण जमीन पर माफिया का अवैध कब्जा था। तत्कालीन डीजीपी खुद उनसे मिलने आए थे और उन्होंने पूरी जानकारी दी। सरकार ने उस कब्जे को हटवाया।
उन्होंने कहा कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफियाओं का बोलबाला था और वे समानांतर सरकार चलाते थे। आज स्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार उनकी सरकार ने पहले दिन से यह तय कर दिया था कि जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, “अब यूपी का नाम सुनकर लोग दूरी नहीं, गले लगाते हैं।”
2017 से पहले की स्थिति और आज का बदलाव
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब प्रदेश में दंगे, उपद्रव और असुरक्षा का माहौल था। त्योहारों में व्यवधान डाले जाते थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में व्यापारी और बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों को संरक्षण देते थे।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “जो भी त्योहारों में खलल डालने की कोशिश करेगा, उसका वर्तमान और भविष्य दोनों समाप्त हो जाएंगे।” उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल चुकी है और प्रदेश में अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ सरकार की नीति बिल्कुल स्पष्ट है।
मुख्यमंत्री के अनुसार माफिया सिर्फ कानून-व्यवस्था के लिए खतरा नहीं थे — वे आर्थिक विकास की राह में भी रोड़ा थे। जब तक संगठित अपराध की जड़ें मजबूत रहती हैं, निवेश और रोजगार के रास्ते बंद रहते हैं। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ सरकार ने शुरू से काम किया।
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राम मंदिर से विकसित यूपी तक
CM योगी ने अयोध्या में बने राम मंदिर को डबल इंजन सरकार की बड़ी उपलब्धि करार दिया। उन्होंने कहा कि 500 साल के लंबे इंतजार के बाद यह संभव हो सका। एक वक्त रामभक्तों पर लाठी और गोली चलती थी, अब वही अयोध्या दुनिया के नक्शे पर एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगर के रूप में उभर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (UPDIC) के लिए अब तक ₹35,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण अब लखनऊ में हो रहा है और इसके लिए राज्य सरकार ने निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
MSME इकाइयों को पुनर्जीवित कर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे किसान भी इस क्षेत्र से जुड़कर लाभान्वित हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) के जरिए युवाओं को फॉरेंसिक, साइबर सुरक्षा और ड्रोन सुरक्षा जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। निवेश, इंफ्रास्ट्रक्चर और महिला सशक्तिकरण — तीनों मोर्चों पर हुए काम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था और सुरक्षित माहौल ने राज्य की पहचान बदल दी है।


