गाज़ीपुर। सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव में बिजली बिल के बकाए और वसूली की कथित प्रताड़ना से परेशान एक पान दुकानदार की जान जाने के मामले में मंगलवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला खुद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। डीएम ने परिजनों को आर्थिक सहायता का भरोसा दिया और दोषी विभागीय कर्मचारियों पर कार्रवाई की बात कही।
मृतक सुरेंद्र कश्यप मुरादचक में पान की छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार का गुजारा करते थे। कथित तौर पर सल्फास खाने से उनकी मौत हुई। घटना के बाद घर से एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें बिजली विभाग के दबाव का उल्लेख था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
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बिजली बिल और वसूली की प्रताड़ना
परिजनों के मुताबिक, करीब नौ महीने पहले विभाग ने सुरेंद्र के नाम एक किलोवाट के कनेक्शन पर ₹1.15 लाख का बकाया नोटिस भेजा। पान की दुकान से होने वाली मामूली आमदनी में इतनी बड़ी रकम एकसाथ जुटाना संभव नहीं था। घरवालों ने उधार लेकर छोटी-छोटी किश्तों में भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी विभाग की ओर से नोटिस और वसूली का सिलसिला थमा नहीं।
मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी ने आरोप लगाया है कि विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने ₹50,000 नकद देने पर मामला निपटाने की पेशकश दी थी। यह आरोप अभी पुलिस जांच के दायरे में है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मृतक की बेटी ने बताया कि उनके पिता हमेशा परिवार की जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर रहते थे और बकाए का यह बोझ उन्हें अंदर से तोड़ रहा था।
एक किलोवाट के छोटे कनेक्शन पर सवा लाख के करीब बकाया और फिर आरसी जारी होना — परिवार का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया ने सुरेंद्र को मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया। घर में आय का कोई दूसरा जरिया नहीं था जिससे इस रकम का बंदोबस्त किया जा सके।
डीएम पहुंचे घर, राहत और जांच का भरोसा
मंगलवार सुबह जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला मुरादचक पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से अलग-अलग बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा, “पहले शोकाकुल परिवार को सरकारी राहत और सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद उत्पीड़न में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।”
डीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से परिवार को आर्थिक मदद दिलाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराने के निर्देश दिए। मामले की निष्पक्ष जांच का भी भरोसा दिलाया गया।
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परिवार की आर्थिक पीड़ा और विभाग का पक्ष
सुरेंद्र कश्यप के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं। बड़े बेटे सूरज की शादी हो चुकी है और वह अलग रहता है। छोटे बेटे शुभम ने पिता की दुकान पर हाथ बटाया था, लेकिन दुकान की कमजोर आमदनी के चलते दो महीने पहले वह रोजगार की तलाश में बाहर चला गया। दोनों बेटियां अंजलि और आंचल अभी अविवाहित हैं। पहले से चल रही आर्थिक तंगी के बीच बिजली विभाग का यह बकाया परिवार के लिए असहनीय बोझ बन गया था।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता ई. सुधाकर ने कहा, “बकाया वसूली के लिए आरसी जारी कर मामले को राजस्व अमीन के पास भेजा गया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है।” विभाग ने किसी अनियमितता से इनकार किया है।
यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। डीएम के कार्रवाई के आश्वासन के बाद अब पूरा प्रकरण जांच के दायरे में है।



