गाज़ीपुर। जिले के सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव में सोमवार सुबह एक पान गुमटी संचालक ने कीटनाशक पदार्थ खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सुरेंद्र कश्यप (55) सैदपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निकट पान की छोटी गुमटी लगाकर परिवार का गुजारा चलाते थे। परिजनों के अनुसार बिजली विभाग के बकाया और राजस्व अमीन की बार-बार की दस्तक ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था। घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है जिसमें लिखा है — “मैं बिजली विभाग से परेशान होकर यह कदम उठा रहा हूं।” पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वेद सिंह चौहान ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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9 माह से चल रहा था दबाव
सितंबर 2025 में बिजली विभाग की विजिलेंस टीम ने सुरेंद्र कश्यप के घर पर छापेमारी की थी। इसके बाद विभाग ने ₹1.12 लाख के बकाया बिल का नोटिस जारी किया। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण एकमुश्त भुगतान संभव नहीं था। सुरेंद्र उधार लेकर छोटी-छोटी किश्तें जमा करते रहे लेकिन बकाया पूरी तरह नहीं चुका।
करीब 9 माह पहले मामला राजस्व वसूली के लिए तहसील भेजा गया और राजस्व अमीन द्वारा वसूली की कार्रवाई शुरू की गई। मृतक के बड़े पुत्र सूरज कुमार ने आरोप लगाया कि सुविधा शुल्क देने पर राहत मिल जाती थी लेकिन पैसा न देने पर पिता को तंग किया जाता था।
विद्युत वितरण खंड तृतीय के अधिशासी अभियंता सुधाकर ने पुष्टि की कि उपभोक्ता का बिजली बिल बकाया था और वसूली के लिए आरसी जारी की गई थी जिसे राजस्व अमीन के पास भेजा गया था।
पत्नी बोलीं — टूट गए थे पति
मृतक की पत्नी ज्ञानती देवी ने बताया कि सितंबर 2025 से ही उनके पति परेशान थे। बिजली विभाग के कर्मचारी बार-बार घर आकर बकाया जमा करने का दबाव बनाते थे। कुर्की की कार्रवाई की धमकी से वह टूट से गए थे।
पत्नी ने बताया कि पति के मन में लगातार यही डर बैठा था कि घर कुर्क हो जाएगा। वह अक्सर कहते — “अगर मैं नहीं रहा तो शायद बिल माफ हो जाए।” रविवार की रात खाना भी पूरा नहीं किया। सोमवार तड़के घर में किसी को भनक लगे बिना उन्होंने सल्फास खा लिया। परिजन उन्हें सैदपुर सीएचसी लेकर दौड़े लेकिन वहां उनकी जान नहीं बच सकी।
मृतक के पास आर्थिक बोझ भी था। दोनों बेटे सूरज और शुभम अलग काम के लिए शहर चले गए थे। छोटा बेटा शुभम 2 माह पहले ही रोजगार के लिए गया था। बड़ी बेटी अंजलि दिल्ली में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी तलाश कर रही है और छोटी बेटी आंचल बीएससी की पढ़ाई कर रही है। दोनों बेटियों की शादी होना बाकी है। एक-एक पैसा जोड़कर बेटियों की शादी के लिए इंतजाम करना था — इस बोझ के बीच बिजली का बकाया पहाड़ बन गया।
पुलिस जांच जारी, तहरीर नहीं
कस्बा चौकी प्रभारी मनोज पांडेय और थाना प्रभारी सैदपुर अनिल कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट, परिजनों के बयान और बिजली विभाग से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जाएगी। उन्होंने बताया कि परिजनों की ओर से अभी तहरीर नहीं मिली है।
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ADM ने दिए जांच के आदेश
अपर जिलाधिकारी वेद सिंह चौहान ने कहा — “यह गंभीर प्रकरण है। पूरे मामले की जांच होगी। बिजली का इतना अधिक बिल किस कारण से बना यह भी देखा जाएगा। जांच में लापरवाही या उत्पीड़न की पुष्टि होने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।”

