गाज़ीपुर। जनपद में आपराधिक गैंगों पर कड़ी नकेल कसते हुए गाज़ीपुर पुलिस ने “ऑपरेशन वज्रपात” के तहत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक ईरज राजा के नेतृत्व और पुलिस उपमहानिरीक्षक के निर्देशन में चलाए गए इस 5 दिवसीय विशेष अभियान में 01 जून से 05 जून 2026 के बीच सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर सक्रिय 49 आपराधिक गैंगों को चिन्हित किया गया। इन गैंगों के गैंग लीडर सहित कुल 401 सदस्यों की पहचान की गई, 39 अभियोग पंजीकृत हुए और 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गाज़ीपुर में अपराध नियंत्रण की दृष्टि से यह कार्रवाई एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।
कौन हैं ये गैंग — क्या है इनका तरीका?
गाज़ीपुर जनपद में थाना स्तर और उसके आसपास के इलाकों में कई आपराधिक गैंग लंबे समय से सक्रिय थे। ये गैंग कटरा गैंग, महाकाल गैंग, 315 गैंग और फरसा गैंग जैसे नामों से कुख्यात हैं। इनके सदस्य एक साथ कई बाइकों पर चलकर आम लोगों को परेशान करते थे। सार्वजनिक स्थानों पर उत्पात मचाना और विवादों में जबरदस्ती दखल देना इनकी आदत बन चुकी थी। इसके अलावा ये अवैध शस्त्रों के साथ फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया पर डालते थे। सबसे चिंताजनक बात यह थी कि ये गैंग फेसबुक लाइव और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए आपराधिक घटनाओं को खुलेआम रिकार्ड करके वायरल करते थे। इस तरह सोशल मीडिया इनका हथियार बन गया था।
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5 दिन, 49 गैंग, 401 सदस्य
ऑपरेशन वज्रपात की शुरुआत सोमवार 1 जून को हुई और यह शुक्रवार 5 जून तक चला। इन पांच दिनों में पुलिस ने जनपद भर में व्यापक छापेमारी की। अभियान के दौरान 49 आपराधिक गैंगों को चिन्हित किया गया। इन गैंगों के लीडर और सदस्यों को मिलाकर कुल 401 व्यक्तियों की पहचान की गई। पुलिस ने इस दौरान 39 अभियोग दर्ज किए। साथ ही 11 गिरफ्तारियां भी की गईं। इसके अतिरिक्त चिन्हित गैंगों के लीडर और उनके सहयोगियों के विरुद्ध समुचित धाराओं में निरोधात्मक कार्रवाई भी की गई, ताकि भविष्य में ये दोबारा सक्रिय न हो सकें।
एसपी ईरज राजा बोले — किसी गैंग को नहीं बख्शेंगे
पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने अभियान की सफलता पर कहा कि जनपद में कोई भी आपराधिक गैंग सक्रिय नहीं रह सकता। सोशल मीडिया पर हथियार लहराकर रुआब जमाने वालों के खिलाफ विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ 5 दिनों का अभियान नहीं था, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया की शुरुआत है। जो भी नए गैंग उभरेंगे, उन्हें भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र
ऑपरेशन वज्रपात की एक खास बात यह रही कि इसमें सोशल मीडिया गतिविधियों को भी निशाने पर लिया गया। आज के दौर में आपराधिक गैंग सोशल मीडिया को अपनी ताकत दिखाने के औजार के रूप में इस्तेमाल करते हैं। फेसबुक लाइव पर हथियार लहराना, इंस्टाग्राम रील्स में मारपीट की घटनाएं पोस्ट करना और इस तरह युवाओं को गुमराह करना — ये सब इस अभियान के दायरे में थे। पुलिस ने ऐसे सभी खातों और पोस्टों की पहचान कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की। इससे जनपद में एक स्पष्ट संदेश गया है कि सोशल मीडिया पर की गई आपराधिक हरकतें भी दंड से बाहर नहीं हैं।
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जनता से अपील — इस नंबर पर दें सूचना
जनपद में अपराध की सूचना देना अब पहले से आसान हो गया है। गाज़ीपुर पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि गैंग की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी व्हाट्सएप पुलिस सतर्क मित्र चैटबॉट नंबर 7839860411 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इस पहल से पुलिस और आम जनता के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
गाज़ीपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन वज्रपात की यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। भविष्य में भी नए गैंगों और उनके सदस्यों पर सतर्क दृष्टि रखी जाएगी। सोशल मीडिया पर आपराधिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान ने जनपद में यह संदेश दे दिया है कि कानून के सामने कोई गैंग, कोई नाम और कोई रुआब नहीं टिकेगा।

