लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा को तकनीक-सक्षम, आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है। यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता — इन चारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। रेलवे नेटवर्क में असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी सख्ती से लागू रहेगी।
जीआरपी — एक नज़र में
बैठक में डीजी रेलवे ने बताया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी वर्तमान में 6 अनुभागों, 65 थानों और 89 अस्थायी चौकियों के जरिए काम कर रही है। यह बल प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, करीब 1550 रेलवे स्टेशनों और 30 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा संभालता है। इसके अलावा संयुक्त गश्त, ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी, डिजिटल सत्यापन और निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्धों की जांच और संवेदनशील स्थलों की निगरानी जारी है।
पत्थरबाजी पर सख्ती के निर्देश
मुख्यमंत्री ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों में होने वाली पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। ऐसे कृत्य करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही उन्होंने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और जिला पुलिस को मिलकर काम करने और आपसी तालमेल बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
त्योहारों और परीक्षाओं पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि त्योहारों, बड़े आयोजनों और भर्ती परीक्षाओं के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रवेश-निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाएं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी और रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ प्रबंधन को प्रभावी बनाया जाए।
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मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चे
समीक्षा बैठक में महिला सुरक्षा, मानव तस्करी रोकथाम और गुमशुदा बच्चों की तलाश से संबंधित अभियानों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन सभी क्षेत्रों में कार्यक्षमता और गति बढ़ाने पर जोर दिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 1 जनवरी से 26 मई 2026 के बीच 860 बच्चों को सकुशल बरामद किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त विभिन्न अभियानों के माध्यम से 2325 व्यक्तियों को उनके परिजनों तक पहुँचाया गया है। उल्लेखनीय है कि हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का पहला आईएसओ-9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन गया है।
2027 हरिद्वार अर्धकुंभ की तैयारी अभी से
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुंभ को देखते हुए अभी से व्यापक सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। संबंधित जनपदों और एजेंसियों के बीच समयबद्ध समन्वय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही मुख्यमंत्री ने अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि अपराधियों को त्वरित और प्रभावी दंड सुनिश्चित किया जाए।

