गाज़ीपुर। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) आलोक प्रसाद ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विकास योजनाओं की मैराथन समीक्षा बैठक की। सीएम डैशबोर्ड ‘दर्पण’ पर चिन्हित परियोजनाओं की बिंदुवार प्रगति का आकलन किया गया। बैठक में सीडीओ ने स्पष्ट किया कि “जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक समय से पहुंचना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी श्रवण कुमार, अर्थ एवं संख्याधिकारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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15 से अधिक योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी), जल जीवन मिशन, विद्युत विभाग की योजनाएं, समाज कल्याण विभाग की योजनाएं और पर्यटन विभाग की परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के अनुरक्षण और नई सड़कों तथा सेतुओं के निर्माण की स्थिति भी जांची गई।
पंचायती राज विभाग, शादी अनुदान योजना, कन्या विवाह सहायता योजना, प्रधानमंत्री कुसुम योजना, पारिवारिक लाभ योजना, निराश्रित गोवंश संरक्षण योजना और सेवायोजन एवं श्रम विभाग की योजनाओं की प्रगति भी समीक्षा के दायरे में रही। सीडीओ ने प्रत्येक विभाग से अलग-अलग प्रगति रिपोर्ट ली।
मजदूरों का शत-प्रतिशत पंजीकरण अनिवार्य
श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सीडीओ आलोक प्रसाद ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि मजदूरों का प्राथमिकता के आधार पर श्रम विभाग में पंजीकरण कराया जाए। कार्यदायी संस्थाओं को भी स्पष्ट किया गया कि उनके द्वारा लगाए गए प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण का उद्देश्य यह है कि सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे श्रमिकों तक पहुंच सके। बिना पंजीकरण के श्रमिक इन योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। इसलिए शत-प्रतिशत पंजीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शन सुधारने के निर्देश
सीडीओ ने विभागों से विभागवार प्रगति रिपोर्ट लेते हुए निर्देश दिया कि सीएम डैशबोर्ड पर लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। लक्ष्य के सापेक्ष पूर्ण उपलब्धि सुनिश्चित करना अनिवार्य बताया गया। जो विभाग डैशबोर्ड पर पिछड़े हुए हैं, उन्हें विशेष रूप से सतर्क किया गया। सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्टाफ के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करें। योजनाओं की प्रगति की निगरानी विभाग स्तर पर लगातार होती रहे। किसी भी लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही तय की जाएगी।
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कोई पात्र लाभार्थी न छूटे
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं को धरातल पर उतारना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहता है तो यह सीधे संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होगी। विभागों को फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर पात्र लाभार्थियों तक पहुंचने के निर्देश दिए गए। सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शन के आधार पर अधिकारियों का मूल्यांकन किया जाएगा।

