गाज़ीपुर। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देश पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के 41 बाढ़ संवेदनशील जनपदों में एक साथ राज्य स्तरीय मॉकड्रिल आयोजित की गई। गाज़ीपुर जनपद की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों — सदर, सैदपुर, जमानियां, मुहम्मदाबाद और सेवराई — में सुबह 9 बजे से यह अभ्यास शुरू हुआ। संबंधित तहसीलों के उपजिलाधिकारियों की अध्यक्षता में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
पांच तहसीलों में अलग-अलग आपदा परिदृश्य
तहसील सदर के पोस्ता घाट पर भारी बारिश और बाढ़ के दबाव से मकान क्षतिग्रस्त होने का परिदृश्य तैयार किया गया। 10-15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया गया। इसी स्थान पर नदी में नहाने के दौरान तीन बच्चों के डूबने की स्थिति में रबर बोट से बचाव का अभ्यास भी कराया गया।
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फुलवारी घाट, सैदपुर में बाढ़ के बाद डायरिया और फूड पॉइजनिंग के प्रकोप को नियंत्रित करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन हुआ। प्रभावित क्षेत्रों में क्लोरीन गोली, ओआरएस पैकेट और ब्लीचिंग पाउडर वितरण का अभ्यास किया गया। एम्बुलेंस के जरिए गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन हुआ।
नाव दुर्घटना और वैकल्पिक मार्ग का अभ्यास
जमानियां तहसील के सोनवल क्षेत्र में डीटी ब्रांच रेल रूट और मेदनीपुर के पास एनएच-24 के बाढ़ से प्रभावित होने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। सायरन बजते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और आपदा मित्र टीमें सक्रिय हो गईं। नाव और राफ्ट के जरिए पानी में फंसे लोगों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
रेलवे विभाग ने आपात स्थिति में ट्रैक बंद कर वैकल्पिक मार्ग संचालन का अभ्यास किया। गौसपुर कोयला घाट, मुहम्मदाबाद में नाव दुर्घटना में फंसे लोगों को बचाने और गंभीर घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रदर्शन किया गया। नेहरू विद्यापीठ इंटर कॉलेज, रेवतीपुर, सेवराई में बाढ़ प्रभावित लोगों को निकालकर शरणालय में रखने और अग्निशमन दल की भूमिका का प्रदर्शन किया गया।
बाढ़ शरणालय में सभी विभागों के कैंप
प्रत्येक स्थान पर राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, आपूर्ति और सिंचाई विभाग के कैंप लगाए गए। रेस्क्यू किए गए लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था का प्रदर्शन हुआ। पशुपालन विभाग ने बाढ़ की स्थिति में पशुओं के रेस्क्यू, उपचार और चारे-पानी की व्यवस्था का अभ्यास कराया। 48 घंटे के भीतर राहत पैकेट और तिरपाल वितरण की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ और आपदा मित्रों ने स्थानीय नागरिकों को आपदा के दौरान स्वयं बचाव और दूसरों की मदद करने का प्रशिक्षण दिया।
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अधिकारियों ने बताया मॉकड्रिल का उद्देश्य
जमानियां तहसील में एसडीएम मनोज कुमार पाठक के नेतृत्व में करीब 4 घंटे का यह अभ्यास चला। दो अलग-अलग स्थानों पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर विभागीय समन्वय और प्रतिक्रिया समय की जांच की गई। तहसीलदार रामनारायण वर्मा, बीईओ अशोक गौतम और पशु चिकित्साधिकारी मंतराज यादव सहित तमाम अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
उपजिलाधिकारी सदर रवीश कुमार ने बताया कि बाढ़ राहत कार्यों में तेजी लाना, बचाव दक्षता बढ़ाना और विभागीय समन्वय मजबूत करना इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य है। एसडीएम मनोज कुमार पाठक ने कहा — “यह सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि जनता को यह भरोसा देने का प्रयास है कि किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्षम है।” असि. कमांडेंट एनडीआरएफ राम भुवन यादव, तहसीलदार सदर राजीव यादव, नायब तहसीलदार विजयकांत पांडेय सहित जनपद स्तरीय अधिकारी और आपदा मित्र भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने किया।


